भिवानी। अब जिला नागरिक अस्पताल के फायर सेफ्टी सिस्टम के कार्य में 75 लाख रुपये का एस्टीमेट बजट बढ़ने से काम रुक गया है। दरअसल साढ़े तीन करोड़ के बजट से पीडब्ल्यूडी विभाग की एजेंसी जिला नागरिक अस्पताल परिसर में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम कर चुकी है। मगर अब एजेंसी ने अस्पताल परिसर के बाहरी हिस्से में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने के लिए सवा चार करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया है। जिसकी मंजूरी अभी तकनीकी प्रक्रिया में उलझ गई है।
हालांकि फायर सेफ्टी सिस्टम के कार्य में बजट स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुहैया कराया जा रहा है, जबकि कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग की एजेंसी कर रही है। करीब 11 माह पहले नागरिक अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम शुरू हुआ था, अब रीएस्टीमेट की वजह से इस पर ब्रेक लग गया है।
भिवानी के जिला नागरिक अस्पताल को पीजीआई के तहत 700 बेड का किया जाना है। जिसके लिए अस्पताल के नए खंड का निर्माण काम भी चल रहा है। 2024 तक भिवानी में पीजीआई बनकर तैयार हो जाएगी। इससे पहले पुराने नागरिक अस्पताल को सुरक्षा मानकों के तहत जरूरी ढांचागत बदलाव भी किए जा रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं फायर सेफ्टी सिस्टम लागू करना। पीजीआई के नए भवन में निर्माण एजेंसी ही फायर सेफ्टी सिस्टम लगा रही है। जबकि पुराने नागरिक अस्पताल के बहुमंजिला इमारत से लेकर ओपीडी और आपात विभाग के अलावा वार्डों सहित पूरे परिसर में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम पीडब्ल्यूडी विभाग की एजेंसी कर रही है।
नागरिक अस्पताल की छतों व दीवारों पर फैला है छह इंची पाइपों का जाल
जिला नागरिक अस्पताल की छतों और दीवारों पर छह इंची पाइपों का जाल बिछाया गया है। इसी के साथ पाइपों को आग और धुएं पर स्वयं चालित सेंसर भी लगाए गए हैं ताकि तुरंत ये सिस्टम काम करना शुरू कर दे। अगर अस्पताल के किसी हिस्से में आग से धुआं भी उठा तो पाइपों पर लगे सेंसर तुरंत सिस्टम को स्वयं चालू कर देंगे। जिससे की मिनटों में आग पर काबू पाना संभव होगा। फायर सेफ्टी मानकों के बाद जिला दमकल विभाग से भी इसकी एनओसी जारी की जाएगी।
जिला नागरिक अस्पताल अब पीजीआई का अस्पताल बनने जा रहा है। इस अस्पताल को जल्द ही 700 बेड का अस्पताल कर दिया जाएगा। इसके अंदर फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का काम पीडब्ल्यूडी विभाग की एजेंसी से कराया जा रहा है। एजेंसी ने कुछ कार्य के लिए अतिरिक्त बजट की डिमांड की है, जिस पर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य सिविल सर्जन भिवानी।
नागरिक अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम लगाने का पहले करीब साढ़े तीन करोड़ के एस्टीमेट पर काम पूरा हो चुका है। अस्पताल के अंदर फायर सेफ्टी उपकरण लगाए जा चुके हैं, जबकि बाहरी हिस्से में उपकरण लगाए जाने हैं। इसके लिए अब सवा चार करोड़ तक एस्टीमेट बढ़ गया है। जिसकी तकनीकी मंजूरी के लिए स्वास्थ्य विभाग को भेजा है। बजट मंजूर होने के बाद काम शुरू करा दिया जाएगा।
-दिनेश कनिष्ठ अभियंता पीडब्ल्यूडी विभाग भिवानी।