भिवानी। नामांकन वापसी के बाद अब भिवानी जिले में भी चुनावी रण सज गया है। सुरक्षित सीट पर भी नेता को पसीना छूटेगा, क्योंकि इस बार चुनावों में नए समीकरण बनेंगे। नेताओं के भीतरघात से लेकर नेताओं के प्रति लोगों की नाराजगी भी इस बार स्पष्ट दिखाई देगी। इसके रुझान भी कुछ नेताओं के चुनावी प्रचार में अब सामने आने लगे हैं।
सोशल मीडिया पर भी नेताओं का विरोध दर्ज होने लगा है। वहीं चुनावी सभाओं के दौरान भी हंगामे की वीडियो भी विचलित कर रही है। नामांकन वापसी के बाद कुछ नेताओं ने पार्टी को ही अपना वापस समर्थन तो दिया है, लेकिन ये समर्थन कितना कारगर रहेगा, इसका असर तो नतीजा आने पर ही पता लगेगा। फिलहाल चुनावी माहौल अब गर्म होने लगा है।
भिवानी जिले में चार विधानसभा भिवानी, लोहारू, तोशाम और बवानीखेड़ा में आठ लाख 95 हजार नौ से अधिक मतदाता चुनावी मैदान में डटे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला पांच अक्तूबर को कर देंगे और आठ अक्तूबर तक नतीजे भी सबके सामने होंगे। चुनावी रण में नेताओं ने भी अपनी बिसात बिछा दी है, जिस पर मोहरे भी अब चलने लगे हैं। एक-दूसरे को पछाड़ने के लिए नेताओं के बीच जुबानी जंग भी शुरू हो गई है।
बवानीखेड़ा में नए चेहरों में टक्कर
बवानीखेड़ा में इस बार नए समीकरण बनने के आसार हैं। क्योंकि कांग्रेस ने पैराशूट उम्मीदवार यहां से उतार दिया है, जबकि राज्यमंत्री बिशंबर वाल्मीकि की टिकट काटकर यहां से भाजपा ने कपूर सिंह वाल्मीकि को मौका दिया है। कपूर वाल्मीकि पहले नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं और वे बवानीखेड़ा कस्बा के पहले ऐसे उम्मीदवार है, जो कस्बा से हैं, जबकि अब तक कस्बा के गांवों से प्रत्याशी चुनावी मैदान में रहे हैं। यहां भी कांटे का मुकाबला हो सकता है।
वित्त मंत्री के सामने दूसरी बार खिलाने की चुनौती
लोहारू में भी कांग्रेस बनाम भाजपा के बीच चुनावी जंग तेज हो गई है। दोनों ही प्रत्याशी यहां एक-दूसरे को कड़ी टक्कर देने में लगे हैं। हालांकि यहां से कृषि और फिर वित्त मंत्री बने जयप्रकाश दलाल भाजपा का दूसरी बार कमल खिलाने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि कांग्रेस से पहली बार राजबीर फरटिया भी दावेदार बने हैं।
बंसीला परिवार की वजह से तोशाम बनी हाॅट सीट
तोशाम हॉट सीट पर तो चुनावी घमासान बंसीलाल परिवार में ही मचा है। यहां पौता अनिरुद्ध चौधरी और पौती श्रुति चौधरी चचेरे भाई-बहन ही आमने-सामने चुनावी मैदान में डटे हैं। भिवानी विधानसभा क्षेत्र में चार बार विधायक रहे घनश्याम सर्राफ के सामने कांग्रेस और माकपा का सांझा उम्मीदवार के अलावा आधा दर्जन से अधिक निर्दलीय उम्मीदवार भी दावेदारी में डटे हैं। संवाद