भिवानी। अब शहर में 513 किलोमीटर दायरे में सफाई मसौदे पर नवंबर तक मंजूरी की मोहर लग सकती है, क्योंकि शहरी निकाय विकास विभाग ने मुख्यमंत्री के समक्ष इस मसौदे की फाइल भेज दी है। जिसकी मंजूरी मिलने के बाद इस पर टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी। दो साल के लिए करीब 32 करोड़ से शहर की सफाई तीन चरण में कराई जाएगी।
मसौदा सिरे चढ़ने के बाद शहर की बाहरी कॉलोनियों की गलियों और मुख्य सड़कों पर भी नियमित सफाई होगी। वहीं कूड़ा उठान व्यवस्था में भी बदलाव होगा। नगर परिषद करीब तीन बार पहले भी सफाई मसौदे में संशोधन कर इसे फिर से मुख्यालय भेज चुका है, लेकिन अब ये मामला मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा गया है।
हरियाणा में नई सरकार के गठन के साथ ही भिवानी नगर परिषद के शहरी दायरे में सफाई मसौदे पर मंजूरी की मोहर लगेगी। दरअसल भिवानी शहर में 31 वार्ड हैं। शहर का वर्तमान में दायरा काफी बढ़ गया है। ऐसे में शहर में आसपास काफी नई कॉलोनियां भी विकसित हो गई हैं, जिनके अंदर दशकों से सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। अब ऐसे दायरे को भी सफाई की हद में शामिल किया जाएगा। जिसके लिए भिवानी नगर परिषद ने दो साल के लिए करीब 32 करोड़ के बजट से तीन चरण में सफाई का खाका तैयार किया था। जिसे शहरी निकाय विकास विभाग मुख्यालय को भेजा गया था। शुरूआत में मुख्यालय ने इस मसौदे पर दो से तीन बार आपत्ति दर्ज करा दी। जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने इस मसौदे में कुछ बदलाव कर फिर से उसे मुख्यालय भेजा। चुनाव से पहले भी ये मसौदा मुख्यालय भेजा गया था, मगर अब इसे शहरी निकाय विकास विभाग मुख्यालय से मुख्यमंत्री के समक्ष भेजा जाएगा। जैसे ही शपथ ग्रहण के बाद नई सरकार अपना कामकाज संभालेगी, इसी के साथ इस मसौदे पर भी मोहर लगने की उम्मीद है। नगर परिषद में 32 करोड़ के इस मसौदे को मंजूरी देने का अधिकार मुख्यमंत्री को ही है। जबकि स्थानीय अधिकारियों की पॉवर इससे कहीं कम है। भिवानी शहर का अधिकांश हिस्सा फिलहाल सफाई के दायरे में नहीं आ रहा है।
ये हैं सफाई के तीन चरण
नगर परिषद शहर के सभी 31 वार्डों में सर्वेक्षण करा चुकी है। जिसके बाद शहरी दायरे को 513 किलोमीटर के दायरे में आंका गया है, जहां सफाई का काम कराया जाना है। इसके लिए 300 मीटर के वीआईपी एरिया को प्रथम चरण में शामिल किया गया है। जबकि दूसरे चरण में 500 मीटर के दायरे में एक सफाई कर्मचारी की तैनाती के लिए मध्यम श्रेणी तय की गई है। इसी तरह 700 मीटर दायरे में निम्न श्रेणी तय हुई है, जिसमें एक सफाई कर्मचारी तैनात होगा। संभावित इलाकों की पहचान नगर परिषद अधिकारियों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
शहर के इन इलाकों में नहीं हो रही है गलियों में सफाई
शहर के सरकुलर रोड के बाहर के दायरे की कॉलोनियों में सफाई का काम काफी प्रभावित हो रहा है, क्योंकि यहां पर कोई भी नियमित सफाई कर्मचारी नहीं है। नगर परिषद के समक्ष करीब पौने तीन सौ सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से अधिकांश सफाई कर्मचारी तो सरकारी कार्यालयों व पीआईपी इलाकों में तैनात हैं, जबकि शहर के प्रमुख जगहों पर ही साफ सफाई का काम कर रहे हैं। सरकुलर रोड से बाहर दिनोद रोड, बैंक कॉलोनी, हांसी रोड पर देव नगर कॉलोनी, कोंट रोड और ढाणा रोड क्षेत्र की किसी भी कॉलोनी में सफाई कर्मचारी नहीं हैं। नए मसौदे में इन कॉलोनियों में भी नियमित सफाई का खाका तैयार किया है।
नगर परिषद द्वारा शहरी दायरे में सफाई के मसौदे का संशोधित प्रारूप मुख्यालय को चुनाव से पहले ही भेजा जा चुका है। अब इस मसौदे को शहरी निकाय विकास विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। शपथ ग्रहण के बाद जैसे ही नई सरकार कार्य भार संभलेगी, इस मसौदे को भी स्थानीय विधायक के माध्यम से सिरे चढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। हमें उम्मीद है कि नवंबर तक इसे मंजूरी मिल जाएगी और इसके कार्यों के भी टेंडर कराए जाएंगे। जिसके बाद पूरे शहर में नियमित रूप से साफ सफाई कराई जाएगी।
-भवानी प्रताप सिंह चेयरपर्सन प्रतिनिधि नगर परिषद भिवानी।
-