सरकार के द्वारा दिए गए टैबलेट में बाहर दुकानदारों की मदद से जुगाड़ करके डाउनलोड की गई सोशल मीडि
भिवानी। टैबलेट में अब पढ़ाई के बजाय मनोरंजन गतिविधियों में विद्यार्थी ज्यादा व्यस्त हो गए हैं। विद्यार्थी मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान से 400 से 600 रुपये में मनपसंद एप चलाने के लिए उसके साफ्टवेयर से छेड़छाड़ करा रहे हैं। दसवीं से बारहवीं तक के हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग ने पढ़ाई के लिए टैबलेट दिया हुआ है।
प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा में तकनीकी बदलाव को लेकर 10वीं व 12वीं के छात्र व छात्राओं को निशुल्क टैबलेट वितरित किए हुए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दिए गए निशुल्क टैबलेट मोबाइल यूनिटी से कनेक्ट होने के कारण सिर्फ शिक्षा विभाग के ही दो सॉफ्टवेयर चलते हैं। उन दो एप में सिर्फ पढ़ाई से संबंधित सामग्री ही बच्चों को दी जाती है। म्यूजिक व यूट्यूब जैसी एप भी इनके अंदर नहीं चलती थी। हालांकि अब विद्यार्थी मोबाइल रिपेयरिंग शॉप पर सरकारी टैबलेट के साफ्टवेयर से छेड़छाड़ कराकर अपने मनपसंद एप चला रहे हैं। इसकी वजह से सरकार के ऑनलाइन पढ़ाई और पाठ्यक्रम से जुड़े एप भी ठप हो गए हैं। जिले में कुल 20937 विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए हैं।
टैबलेट खो जाने पर करानी होगी पुलिस रिपोर्ट
विद्यार्थी को अपना टैबलेट गुम होने या फिर चोरी होने पर इसकी एफआईआर दर्ज करवाकर स्कूल में जमा करवानी होगी। ऐसे विद्यार्थियों की सूची अवसर पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। यदि किसी विद्यार्थी से टैबलेट टूट गया है या खराब हो गया है तो उसी कंडीशन में टैबलेट जमा करवाकर सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाएगा। उसे भी पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। इसके अलावा यदि कोई बच्चा टैब, सिम या अन्य मिला हुआ सामान जमा नहीं करवाता तो उसका परिणाम बोर्ड द्वारा रोक दिया जाएगा। स्कूल प्रभारी ऐसे विद्यार्थियों को स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट, डीएमसी या चरित्र प्रमाण पत्र भी जारी नहीं करेगा।
विद्यार्थियों को सरकार की तरफ से दिए गए टैबलेट में सिर्फ डाउनलोड की गई एप का संचालन की ही हिदायतें दी गई हैं, अगर कोई विद्यार्थी बाहर से टैबलेट के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ कराता है तो इस संबंध में कड़ा संज्ञान लेंगे। स्कूल मुखियाओं को भी ऐसे विद्यार्थियों के संबंध में हिदायतें दी जाएंगी।
-नरेश महता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, भिवानी।