भिवानी। अब नगर परिषद अधिकारियों को अमृत (अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन) योजना के प्रथम चरण के अधूरे पड़े कार्यों को पूरा कराने के लिए 31 मार्च तक की मोहलत मिल गई है। हालांकि पहले से ही अमृत प्रथम चरण का काम काफी लेटलतीफ चल रहा है, जिसे दो बार पहले ही एक्सटेंशन दी जा चुकी है।
अब तीसरी बार फिर अधूरे व बचे हुए कार्यों को पूरा कराने के लिए मार्च तक की मोहलत दी गई है। प्रथम चरण में हुए कार्यों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए थे। खुद विधायक ने भी इस मामले की विजिलेंस जांच कराए जाने तक की बात नगर परिषद हाउस की बैठक में रख दी थी। इसके बाद इन कार्यों को तुरंत प्रभाव से कराए जाने भी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए थे।
नगर परिषद ने अमृत प्रथम चरण में शहरी जलघर के टैंक निर्माण के साथ शहर के अधिकांश हिस्से बरसाती पानी की निकासी के लिए बरसाती डिस्पोजल निर्माण का कार्य कराया गया। इन कार्यों को तो एजेंसी ने कर दिया, मगर कई हिस्सों में अभी भी सीवर लाइन और पेयजल लाइनों का काम अधर में लटका हुआ है। कई जगहों पर अमृत प्रथम चरण के तहत मंजूर हुए कार्य तो किए मगर इसे बीच में ही छोड़ दिया गया। इस कार्य का अधिकारियों ने सर्वेक्षण किया तो कई खामियां भी सामने आईं। जिन्हें दूर करने की हिदायतें दी गईं। मगर इसके बावजूद न खामियां दूर हुई न काम पूरा हुआ।
लीकेज की वजह से तीन बार बैठ गई मुख्य सड़क
वैश्य महाविद्यालय के समीप अमृत प्रथम चरण में बरसाती डिस्पोजल बनाया हुआ है। लेकिन साल भर में तीन बार इसके आगे मुख्य सड़क लीकेज की वजह से बैठ चुकी है। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने धंसी सड़क को ठीक तो करा दिया, मगर इसके नीचे की लीकेज को एजेंसी ने ठीक कराना तो दूर जांचना भी जरूरी नहीं समझा। अब जब काम पूरा हो चुका है। इसके बाद कार्य की खामियां भी उजागर होने लगी हैं। यहां बरसाती मुख्य पाइप लाइन ही लीक है। इस कारण सड़क काफी गहराई तक धंस रही है।
अमृत प्रथम चरण के कार्य को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2024 तक की मोहलत दी गई है। इस अवधि में बचा हुआ कार्य एजेंसी से पूरा कराया जाएगा। इस कार्य में थोड़ी बहुत खामियां रह गई हैं उन्हें भी इस दौरान दुरुस्त कराया जाएगा।
-जसवंत सिंह कार्यकारी अभियंता नगर परिषद भिवानी।
हमने अमृत द्वितीय चरण का पहले मसौदा तैयार किया था, लेकिन अब दोबारा फिर से मसौदे तैयार कर उसका सर्वेक्षण का कार्य कराया जाएगा। अमृत प्रथम चरण का कार्य नगर परिषद ने कराया था, जबकि द्वितीय चरण का काम जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग खुद कराएगा। सर्वेक्षण के बाद ही सरकार के समक्ष मसौदा बजट मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
- सुनील कुमार कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।