भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने फेल विद्यार्थियों के लिए अपना फाॅर्मूला बदल दिया है। अब दसवीं में फेल विद्यार्थियों को इलीजिबल फॉर इम्प्रूवमेंट ऑफ परफाॅरमेंस शब्द इस्तेमाल होगा, जबकि कंपार्टमेंट के लिए एसेंशियल रिपीट का प्रयोग किया जाएगा।
दरअसल, इंटरनल असेसमेंट ने थ्योरी का समीकरण ही बिगाड़ दिया है। अब बोर्ड में इंटरनल असेसमेंट में 20 और थ्योरी में मात्र 13 अंक लेने पर भी पास हो जाता है, यही वजह है कि इस बार का दसवीं का परीक्षा परिणाम सीबीएसई की तरह ही 95 फीसदी से अधिक रहा है।
पिछले साल सत्र 2023 में दसवीं (शैक्षिक) परीक्षा में 2,86,425 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 1,87,401 उत्तीर्ण हुए, जिसमें से 37,342 परीक्षार्थियों के कम्पार्टमेंट आई थी। 61,682 परीक्षार्थी अनुत्तीर्ण रहे थे। इस परीक्षा में 1,49,439 छात्र बैठे थे, जिनमें 91,772 पास हुए और 1,36,986 प्रविष्ट छात्राओं में से 95,629 पास हुई थी।
पिछले साल राजकीय विद्यालयों की पास प्रतिशतता 57.73 रही थी और प्राइवेट विद्यालयों की पास प्रतिशतता 75.65 रही थी। परीक्षा में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की पास प्रतिशतता 67.35 रही थी। जबकि शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों की पास प्रतिशतता 61.28 रही। सेकेंडरी परीक्षा के स्वयंपाठी परीक्षार्थियों का परिणाम 52.13 प्रतिशत रहा था। इस परीक्षा में 5,124 परीक्षार्थी प्रविष्ट हुए थे, जिनमें से 2,671 पास हुए थे।
जून के अंतिम तो जुलाई के प्रथम सप्ताह में फिर होगी परीक्षा
बोर्ड इसी साल जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई के प्रथम सप्ताह में फिर से दसवीं की परीक्षा कराएगा। इस परीक्षा में (ईआर) एसेंशियल रिपीट रहा अर्थात ऐसे परीक्षार्थियों को परीक्षा में फिर से बैठने की आवश्यकता होगी, उन्हें परीक्षा पास करने का मौका मिलेगा। जबकि दो विषयों में फेल रहने वाले परीक्षार्थियों को भी फेल नहीं किया है। बोर्ड ने उनका रिजल्ट इलीजीबल फॉर इम्प्रवूवमेंट ऑफ परफारमेंस यानी प्रदर्शन में सुधार के लिए पात्र दर्शाया है, ताकि वे जून की परीक्षा में फिर से दसवीं पास कर सके। बोर्ड के इस फाॅर्मूले से बोर्ड में बहुत कम छात्र फेल होंगे।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने ईआर और ईआईओपी का फाॅर्मूला अपनाया है। जिससे बोर्ड परीक्षा में बहुत कम परीक्षार्थी ही फेल हो पाएंगे। उनका साल खराब नहीं होगा। बोर्ड साल में दो बार दसवीं की परीक्षा कराएगा। पहले प्रयास में असफल रहने पर दूसरे प्रयास में सफलता की विद्यार्थी कोशिश कर सकेगा। -डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड, भिवानी।