भिवानी। शहरी दायरे के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र में भी प्रत्येक परिवार की यूनिक आईडी के साथ प्रॉपर्टी आईडी का भी डाटा जुटाया जाएगा। इसके लिए ग्राम सचिवों के माध्यम से जिले के प्रत्येक गांव में सर्वे शुरू किया गया है। ग्राम सचिव और पटवारी के माध्यम से प्रत्येक ग्रामीण परिवार की प्रॉपर्टी आईडी तैयार की जाएगी।
इसमें उस परिवार की अचल और चल संपत्ति का समस्त ब्योरा दर्ज होगा। इतना ही नहीं क्रीड (सिटीजन रिसोर्स इंफॉर्मेशन डिपार्टमेंट) सर्वे में 25 साल से 40 साल उम्र तक के लोगों के रोजगार संबंधी पड़ताल के लिए भी सभी सरकारी विभागों से जांच पड़ताल हो रही है। इसके बाद जिले में रोजगार और बेरोजगार लोगों का आंकड़ा भी स्पष्ट हो जाएगा और उनकी आमदनी का भी सही आकलन हो पाएगा। शहरी दायरे में 100 वर्ग गज और ग्रामीण में 200 वर्ग गज से अधिक अचल संपत्ति वाले ग्रामीण परिवारों का बीपीएल राशन कार्ड भी अब कटेगा।
भिवानी जिले में 312 गांव आते हैं और जिले की कुल आबादी करीब साढ़े 13 लाख है। अगर परिवारों की बात करें तो जिले में तीन लाख 16 हजार परिवारों की यूनिक आईडी यानी फैमिली आईडी बन चुकी है। प्रत्येक परिवार में जुड़े 25 से 40 साल तक की उम्र के प्रत्येक सदस्यों का क्रीड अपने स्तर पर सर्वेक्षण करा रहा है।
इस सर्वेक्षण में सभी सरकारी विभागों से यह पता लगाया जा रहा है कि ये लोग किस रोजगार से जुड़े हैं। इसमें सभी परिवारों का डाटा वेरीफाई किया जा रहा है। इसी के साथ बीपीएल परिवारों की मुश्किलें भी अब बढ़ गई हैं, क्योंकि बीपीएल की सूची में बने रहने के लिए सरकार की अब कई शर्तों की कसौटी पर खरा उतरना भी बड़ी चुनौती हो गया है। इसमें एक शर्त शहरी दायरे में 100 वर्ग गज और ग्रामीण दायरे में 200 वर्ग गज से कम अचल संपत्ति है तो वे बीपीएल सूची में बने रहेंगे। इससे अधिक अचल संपत्ति का विवरण अगर परिवार पहचान पत्र में दर्ज है तो उन्हें सूची से स्वत: बाहर कर दिया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग का डाटा भी फैमिली आईडी से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगर राजस्व विभाग में कोई परिवार का मुखिया भूमि का मालिक है तो उसे बीपीएल का लाभ नहीं मिलेगा। अब तक कृषि योग्य भूमि व बड़े रिहायशी भूमि के मालिक भी बीपीएल सूची में टिके हैं, जिन्हें अब जल्द बाहर किया जाएगा। संवाद
बैंक खाता के साथ संपत्ति और बिजली बिल से होगा आमदनी का आकलन
ग्रामीण क्षेत्र के फैमिली आईडी वाले परिवारों की बैंक खाता के साथ संपत्ति और बिजली बिल को भी जोड़ा गया है। इससे उस परिवार की सही आमदनी का आकलन किया जाएगा। क्रीड रोजगार से जुड़े आंकड़ों की पड़ताल में लगा है, वहीं अन्य सरकारी विभागों का डाटा भी फैमिली आईडी से जुड़ने के बाद परिवारों की आमदनी का आकलन करना आसान होगा। एक क्लिक भर से फैमिली के सदस्यों की आमदनी और उनका स्टेटस कंप्यूटर स्क्रीन पर सामने होगा। जिसकी प्रक्रिया चल रही है। सर्वे पूरा होने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में भी प्रत्येक परिवार को पीआईडी नंबर जारी किया जाएगा।
क्रीड 25 से 40 साल की उम्र के सदस्यों की रोजगार संबंधी जानकारी जुटा रहा है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। इसी के साथ शहरी और ग्रामीण दायरे में 100 वर्ग गज और 200 वर्ग गज के प्लाट या मकान वाले परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर किया जाएगा। इसी के साथ प्रत्येक गांव में ग्राम सचिव के माध्यम से सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद शहरी तर्ज पर ग्रामीण परिवारों की भी प्रॉपर्टी आईडी बनाई जाएगी। जिससे ग्रामीण परिवारों के आंकड़ों का आकलन कर प्रत्येक परिवार की आमदनी का पता लगाना आसान हो जाएगा।
-खुशवंत सिंह, प्रबंधक, जिला नागरिक संसाधन विभाग, भिवानी।