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Bhiwani News: अब एलाइजा टेस्ट के 600 रुपये से अधिक नहीं वसूलेंगे निजी लैब संचालक, कार्ड का टेस्ट नहीं होगा मान्य

Fri, 23 Aug 2024 02:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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प​क्षियों के लिए सकोरों में रखे पानी में मच्छरों के लारवा की जांच करते नागरिक अस्पताल के चिकित्
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भिवानी। अब निजी लैब संचालक एलाइजा टेस्ट के 600 रुपये से अधिक मरीज से नहीं वसूलेंगे। जबकि कार्ड का टेस्ट मान्य नहीं होगा। हालांकि ये टेस्ट जिला नागरिक अस्पताल में मुफ्त में किए जा रहे हैं।
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दरअसल, अन्य जिलों में डेंगू के केस सामने आ चुके हैं, इसी को लेकर भिवानी में भी सिविल सर्जन ने निजी लैब संचालकों को हिदायतें जारी की हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग में भी पुख्ता प्रबंध के निर्देश दिए हैं। अभी तक जिले में कोई पॉजिटिव केस नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से शहरी दायरे में घरों के आसपास 1102 जगहों पर मच्छर का लारवा मिल चुका है। जिस पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया जा चुका है। इसी के साथ नगर परिषद को भी इसकी सूचना दी गई है ताकि संबंधित इलाकों में तत्काल प्रभाव से फॉगिंग की व्यवस्था कराई जा सके।
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इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्र में भी पंचायती राज विभाग की ओर से सभी ग्राम पंचायतों को फॉगिंग के निर्देश स्वास्थ्य विभाग की ओर से दिए जा चुके हैं। दरअसल, बारिश के बाद ही मच्छर का प्रकोप अचानक बढ़ता है। ऐसे में शहरी और ग्रामीण दायरे में डेंगू के केस भी सामने आने लगते हैं।
रोहतक और हिसार के निजी अस्पतालों में लेते हैं डेंगू पीड़ित उपचार
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की रोकथाम के साथ मरीजों के लिए भी पुख्ता प्रबंध किए हैं। नागरिक अस्पताल में स्पेशल वार्ड भी बनाया है बावजूद इसके डेंगू पीड़ित मरीज रोहतक और हिसार के निजी अस्पतालों में ही उपचार लेते हैं। पिछले साल भी 278 डेंगू पीड़ित सामने आए थे, इनमें अधिकांश मरीज दूसरे जिलों के अस्पतालों में दाखिल रहे।
एलाइजा टेस्ट के 600 रुपये निजी लैब में फीस निर्धारित है, जबकि ये टेस्ट सरकारी अस्पतालों में मुफ्त में किया जाता है। डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। शहरी वार्डों में पार्षदों और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायतों से भी अपने-अपने इलाके में फॉगिंग कराने का अनुरोध किया गया है ताकि मच्छर को पनपने से रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी ग्रामीण और शहरी दायरे में सक्रियता के साथ काम कर रही हैं।
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- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।
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