दरअसल, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र को क्यूआर कोड के साथ हिडन और अल्फा नेमरिक फीचर्स के साथ सिक्योर किया था। इसके बाद प्रदेश के चुनिंदा परीक्षा केंद्रों को छोड़कर कहीं से भी पेपर आउट नहीं हुआ। जिन परीक्षा केंद्रों में पेपर आउट हुआ, उन्हें हिडन फीचर्स और क्यूआर कोड की मदद से तुरंत पकड़ना भी संभव हो पाया।
अब बोर्ड की आगामी परीक्षाओं में भी प्रश्न पत्र इसी तरह के क्यूआर कोर्ड से सिक्योर किए जाएंगे। अब भी प्रदेश के अनेक राज्यों के अंदर शिक्षा बोर्ड के लिए वार्षिक परीक्षाओंं में नकल को रोक पाना बड़ी चुनौती बना रहता है। परीक्षाओं में पेपर आउट होना भी गंभीर चूक है। इन संभावनाओं पर विराम लगाने के लिए अब देश के अन्य बोर्ड भी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के कदमताल मिलाने की इच्छा जता रहे हैं।
स्विट्जरलैंड और सिंगापुर से 16 अक्तूबर को भिवानी आएंगे चार सदस्य
इंटरनेशनल बैकलॉरिएट (आईबी) स्विट्जरलैंड से पायलट स्टडी में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की शिक्षा प्रणाली से रूबरू होने के लिए 16 अक्तूबर को चार सदस्य भिवानी आएंगे। इसमें दो सदस्य स्विट्जरलैंड और दो सदस्य सिंगापुर से होंगे। एक दिवसीय अपने दौरे में ये दल आईबी पैटर्न पर हरियाणा के स्कूलों में शिक्षा प्रणाली के संबंध में अहम जानकारी देगा और टीचर ट्रेनिंग के बारे में भी मंथन होगा। हरियाणा बोर्ड ने आईबी से पायलट स्टडी के लिए एमओयू साइन किया हुआ है। इसी के तहत अब हरियाणा के स्कूलों को आईबी से संबद्धता लेने के लिए भी हरियाणा शिक्षा बोर्ड से अनुमति लेनी होगी।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं के प्रश्नपत्र और मूल्यांकन प्रणाली में तकनीकी का इस्तेमाल करते हुए व्यापक बदलाव किए गए हैं। इनके प्रति देश के आठ से दस अन्य राज्यों के शिक्षा बोर्ड ने भी रुचि दिखाई है। इन बोर्डों से भी प्रतिनिधि हरियाणा बोर्ड की कार्यप्रणाली और नए बदलाव एवं नवाचारों से रूबरू होने के इच्छुक हैं, जो जल्द यहां आएंगे।
-डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।