भिवानी। अब फैमिली आईडी में अगर ज्यादा संपत्ति दर्शायी गई है तो उसे ठीक कराने के लिए आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए फैमिली आईडी फेज-10 सर्वे में संपत्ति की आपत्ति दर्ज कराने के लिए प्रॉपर्टीडॉटईदिशाजीओवीडॉटइन नया पोर्टल जारी किया है। इस पोर्टल पर आपत्ति दर्ज होने के बाद संपत्ति से जुड़ी फैमिली आईडी की त्रुटियों को भी ठीक कर पाना संभव होगा। इतना ही नहीं अब ग्रामीण दायरे में संपत्ति की आपत्ति ठीक कराने के लिए बीडीपीओ से भी वेरिफिकेशन रिपोर्ट अनिवार्य होगी।
भिवानी जिले में तीन लाख 16 हजार से अधिक फैमिली आईडी बन चुकी हैं। फैमिली आईडी फेज 10 शुरू हो गया है। इसमें कई नए विकल्प भी जोड़े गए हैं और नया पोर्टल भी खोला गया है। इसके जरिये लोग ग्रामीण और शहरी दायरे में अपनी फैमिली आईडी से जुड़ी गलतियों को दुरुस्त करा सकें। इसी में एक है संपत्ति की गलती। उदाहरण के तौर पर किसी फैमिली आईडी में अगर 200 से 400 वर्गगज का प्लाट या मकान दर्शाया हुआ है, जबकि वास्तव में उसके पास मात्र डेढ़ सौ वर्गगज का प्लाॅट या मकान है तो ऐसे व्यक्ति अपनी संपत्ति की आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इनके लिए प्रॉपर्टीडॉटईदिशाजीओवीडॉटइन नया पोर्टल जारी किया गया है।
इस पोर्टल पर संपत्ति की आपत्ति दर्ज होंगी। इसमें ग्रामीण क्षेत्र में बीडीपीओ की संपत्ति की वेरिफिकेशन रिपोर्ट अनिवार्य होगी। वहीं शहरी दायरे में भी नगर परिषद अधिकारियों से रिपोर्ट सत्यापित होना जरूरी होगी। इस नए पोर्टल पर सिर्फ संपत्ति की आपत्ति ही दर्ज कराई जाएंगी। ये नया पोर्टल दो दिन पहले ही शुरू हुआ है। जिस पर अभी भिवानी में कोई आपत्ति नहीं आई है। संवाद
भिवानी में साढ़े तीन हजार बुजुर्गों के जन्म तिथि में संशय
बीएलओ की ओर से साढ़े तीन हजार बुजुर्गों की जन्म तिथि को लेकर संशय के मामले सामने आए हैं। इनकी अब वेरिफिकेशन होगी। इनके फैमिली आईडी के दस्तावेजों से उनकी उम्र का सही आकलन नहीं हो पा रहा है। इसमें 58 साल से 60 साल के बुजुर्ग शामिल हैं, जिनकी पेंशन बननी हैं। ऐसे बुजुर्गों की अब मानव संसाधन सूचना विभाग घर पहुंचकर वेरिफिकेशन कराएगा। इसमें बुजुर्गों के दस्तावेज जांचे जाएंगे। इनमें दसवीं की मार्कशीट, वोटर कार्ड, जन्म प्रमाण स्कूल रिकार्ड के अनुसार शामिल है। इनकी जन्म तिथि से आपत्ति दूर होने के बाद ही इन बुजुर्गों की फैमिली आईडी की उम्र के हिसाब से पेंशन शुरू हो पाएगी।
फैमिली आईडी फेज-10 सर्वे शुरू हुआ है। इसमें फैमिली आईडी में ज्यादा संपत्ति दर्शाये जाने पर आपत्ति दर्ज कराने का नया पोर्टल जारी किया गया है। इस पोर्टल पर सिर्फ संपत्ति से जुड़ी आपत्ति ही ऑनलाइन दर्ज होंगी। जिसमें ग्रामीण दायरे में बीडीपीओ की वेरिफिकेशन रिपोर्ट के बाद आपत्ति को दुरुस्त कर दिया जाएगा। इसी तरह बुजुर्गों के जन्म तिथि में बीएलओ द्वारा गलत आंकड़े दर्ज किए जाने की वेरिफिकेशन भी घर पहुंचकर कराएंगे।
-खुशवंत सिंह, जिला प्रबंधक मानव संसाधन सूचना विभाग भिवानी।