भिवानी। हिट एंड रन कानून के खिलाफ ड्राइवरों की हड़ताल खत्म होने के बाद बुधवार से हरियाणा में पटवारी और कानूनगो ने तीन दिन की हड़ताल शुरू कर दी है। ऐसे में लघु सचिवालय, पटवारखाना, सरल केंद्र में जमीन से संबंधित कामों आए लोगों को बिना काम करवाए ही घरों को लौटना पड़ा। हड़ताल के चलते लगभग 250 से 300 रजिस्ट्री प्रभावित हुई हैं। इससे प्रदेश सरकार को 20 से 30 लाख रुपये की हानि हुई है। इसके अलावा 400 से 500 जाति, रिहायश व अन्य तरह के प्रमाणपत्र नहीं बन पाए। इसके अलावा फसल सत्यापन और जमीन की पैमाइश संबंधी कार्य भी प्रभावित हुए। बुधवार को सिर्फ रजिस्ट्री संबंधी वही कार्य हुए, जिनका प्रक्रिया पहले पूरी हो चुकी।
बता दें कि पटवारी और कानूनगो मुख्य रूप से वेतनमान 35,400 की मांग को वर्ष 2016 से लागू करने की करने की मांग कर रही है। जबकि प्रदेश सरकार ने इसे 2023 से लागू किया है। दि रेवन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के जिला उप प्रधान विकास राठी ने बताया कि राज्य कार्यकारिणी के आह्वान पर इस हड़ताल को बुलाया गया है। प्रदेश स्तर की हड़ताल होने के चलते बुधवार को जिले के सभी 104 पटवारी और 18 कानूनगो हड़ताल पर रहे। पटवारी और कानूनगो 5 जनवरी तक सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक जिला मुख्यालय पर सांकेतिक रूप से धरना देंगे। अगर इसके बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर गौर नहीं किया हड़ताल अनिश्चितकालीन शुरू कर देंगे। इससे पूर्व कानूनगो और पटवारियों ने जब हड़ताल आह्वान किया था तब आम लोगों से अपील की थी कि वे अपना काम आवश्यक काम पूरा करवा लें।
जिला मुख्यालय के बाहर चल रहे धरने का मंच संचालन मंच संचालन बलबीर पटवारी ने किया। कामरेड ओमप्रकाश व कमल प्रधान व जिला कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ ने भी धरने को समर्थन दिया। धरने पर कानूनगो अनिल, दिलीप, दिनेश, जगदीश, कृष्ण, सुमेर, भिवानी तहसील प्रधान विक्रांत शर्मा, पटवारी सुरेंद्र कुमार, रविन्द्र कुमार, दयाराम, मोहनलाल, राकेश, निखिल, रवि, जयचंद, रोहतास, प्यारेलाल, प्रदीप, परमिल, राजेश मुटरेजा, जतिन, हर्ष छाबड़ा, मंगल आदि मौजूद रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
- बढ़ाए गए वेतनमान को 25 जनवरी 2023 से वास्तविक रूप से लागू किया जाए।
- तहसीलदार की परीक्षा जो हर 6 महीने पर होनी चाहिए वो अभी पिछले 3 साल से नहीं हुई है, उसको करवाया जाए, जिससे पदोन्नति समय अनुसार हो सके।
- राजस्व विभाग का कार्य जब लगभग ऑनलाइन हो गया है तो पटवारियों और कानूनगो को भी सभी ऑनलाइन कार्य के लिए अच्छे क्वालिटी के टैब और लैपटॉप दिए जाएं।
- वर्कलोड को देखते हुए रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए।
तीन दिन हड़ताल के चलते नहीं हो पाएंगे ये काम
पटवारी और कानूनगो की हड़ताल के चलते रजिस्ट्री, जमीन पैमाइश, भूमि रिकॉर्ड, फसलों का सत्यापन आदि के कार्य नहीं हुए। इसके अलावा जाति, रिहायशी प्रमाणपत्र जैसे संबंधित काम भी अटक गए हैं, क्योंकि इन प्रमाणपत्रों में पटवारी की अनुशंसा जरूरी होती है।
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युवा बोले- अटक गए जाति, रिहायश प्रमाणपत्र संबंधी कार्य
सीएससी पर जब पहुंचा तो पता चला कि पटवारियों की हड़ताल है। जिसके कारण वह आय प्रमाणपत्र का फार्म सत्यापित नहीं करवाया पाया। अगर हड़ताल लंबी चल गई तो उसकी काम रुक जाएगा।
-विकास
जाति प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी, इसके लिए आवेदन किया हुआ था। अभी जाति को पटवारी ने सत्यापित नहीं किया है। जिसका कारण उसका प्रमाणपत्र का काम अटक गया है।
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हरिराम
ओबीसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता थी। अब हड़ताल खत्म होगी तभी काम बन पाएगा। प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया हुआ है, अब पता नहीं कब बनेगा।
-प्रीतम
जमीन की पैमाइश करवानी, इसके लिए पटवारी से इस बारे में जानकारी चाहिए थी। प्रदेश स्तरीय हड़ताल होने के चलते उनका यह काम अटक गया है।
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निखिल