भिवानी। जलघर के टैंक इस बार नहरी पानी की उपलब्धता कम होने की वजह से खाली हैं, मगर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के पानी के टैंकर धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। इसी मामले को लेकर अमर उजाला ने पानी के टैंकरों की पड़ताल की और स्टिंग ऑपरेशन में बनाई गई वीडियो के साथ पानी के खेल को खोल डाला।
अब जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लेते हुए अब निशुल्क पानी के टैंकर को चालक बेचता मिला तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। ऐसे मामलों की शिकायत भी एसडीओ सतीश कुमार के नंबर 9813227296 पर किए जाने पर कार्रवाई की बात कही है।
दरअसल, शहर के महम रोड स्थित जलघर से रोजाना ही करीब 60 से 70 पानी के टैंकर शहर की उन बाहरी कॉलोनियों के लिए भेजे जाते हैं, जहां पीने का पानी उपलब्ध नहीं है। मगर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में ठेकेदार के पानी के टैंकर कॉलोनियों की बजाए औद्योगिक सेक्टर की इकाइयों और निजी लोगों को बेच चांदी कूट रहे हैं। इन टैंकरों का सरकार से भी भुगतान लिया जा रहा है वहीं लोगों को निशुल्क मिलने वाले पानी को भी धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।
इसी मामले में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता सूर्यकांत ने कहा कि शहर में जिन स्थानों पर पेयजल सप्लाई बाधित हो रही है, वहां विभाग की ओर से निशुल्क पानी के टैंकर भिजवाए जा रहे हैं। अगर कोई ड्राइवर टैंकर लाने के पैसे मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत उप मंडल अभियंता सतीश कुमार को शिकायत दें। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है बल्कि इस दिशा में सभी नागरिकों का सहयोग जरूरी है। लचर कार्य प्रणाली वाले टैंकर चालकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कार्यकारी अभियंता ने जनस्वास्थ्य विभाग के पेयजल सप्लाई कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे पेयजल से संबंधित शिकायतों का समाधान समयबद्ध तरीके से करें। लचर कार्य प्रणाली वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कर्मचारी काम न करने का कोई बहाना न बनाएं। लोगों के समक्ष पेयजल संबंधित कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पानी की लीकेज को तुंरत प्रभाव से दुरूस्त करें ताकि पानी आपूर्ति में किसी प्रकार की दिक्कत न आएं। नागरिकों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। संवाद