भिवानी। अब डेंगू और मलेरिया मरीजों के लिए सब डिविजनल अस्पतालों में पांच-पांच और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में दो से तीन बेड आरक्षित रहेंगे। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग ने जिले भर में बुखार के मरीजों की निगरानी के लिए भी 30 रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया है, जो ग्रामीण और शहरी दायरे में बुखार से पीड़ित मरीज की पहचान होते ही तुरंत वहां पहुंचकर कारण जानेगी और उसके उपाय के लिए भी जरूरी कदम उठाएगी। इसी के साथ स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों में भी डेंगू का एलाइजा टेस्ट के लिए 600 से अधिक रुपये नहीं वसूलने के संबंध में सख्त आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में विभाग ने सभी निजी अस्पतालों को पत्र भी जारी कर दिया है।
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग इस बार मच्छर का लारवा पनपने से पहले ही डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के प्रबंधों को पुख्ता करने में जुटा है। अभी तक जिले में कोई भी डेंगू या मलेरिया का मामला सामने नहीं आया है। मई की शुरुआत में इसका संक्रमण तेजी से बढ़ने लगता है। क्योंकि लोग कूलरों का इस्तेमाल शुरू कर देते हैं। फ्रीज की ट्रे और कूलर की टंकी के अंदर ज्यादातर मच्छर के लारवा सेहत पर डंक का हमला करने के लिए तैयार होते हैं।
ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी जिले भर में अभी से फील्ड हेल्थ कर्मचारियों के माध्यम से बुखार के मरीजों की जांच आरंभ कर दी है। जिन इलाकों में बुखार पीड़ित मरीज मिल रहे हैं, उनके इलाके की जांच के लिए 30 रैपिड रिस्पांस टीमें भी बनाई हैं। ये टीमें उन इलाकों में जाकर बुखार के कारण का पता लगाती हैं, पीड़ित मरीज के परिवार के अन्य सदस्यों की सेहत की भी जांच होती है और फील्ड कर्मचारी ने क्या कदम उठाए इसका विश्लेषण भी करती है। ये टीमें डेंगू और मलेरिया के मामले बढ़ने पर भी इसी तर्ज पर काम करेंगी। संवाद
साल के अनुसार के मरीजों की संख्या
बीमारी - 2015- 2016- 2017- 2018- 2019- 2020- 2021- 2022- 2023
डेंगू- 141- 211- 65- 70- 03- 01- 00- 01- 01
मलेरिया- 601- 17- 85- 50- 13- 49- 356- 123- 273
जिला मुख्यालय पर 36 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया
डेंगू और मलेरिया के मरीजों के लिए जिला नागरिक अस्पताल के वार्ड नौ को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। इसके अंदर 36 बेड की सुविधा दी गई है। वार्ड के अंदर मरीजों के लिए मच्छरदानी भी मुहैया कराई गई हैं। वहीं जिले के चार सब डिविजनल अस्पताल बवानीखेड़ा, लोहारू, सिवानी व तोशाम में पांच-पांच बेड भी डेंगू और मलेरिया मरीज के लिए दिए गए हैं। जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी दो से तीन बेड की सुविधा इन मरीजों को दी गई है।
भिवानी जिले के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर डेंगू और मलेरिया के मरीजों के लिए पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। जिलेभर में 30 रैपिड रिस्पांस टीमें भी बनाई गई हैं, जो घर-घर जाकर बुखार से पीड़ित मरीजों की जांच और रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाएंगी। वहीं लोगों को भी अपने घरों व आसपास पानी जमा नहीं होने देने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है, क्योंकि इसके अंदर मच्छर का लारवा पनप सकता है। जिलेभर में एंटी लारवा एक्टिविटी भी चलाई जा रही हैं।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन भिवानी।