भिवानी। अब जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में चेकअप कराने आने वाले मरीजों के लिए ओपीडी पर्ची लेते समय आधार कार्ड के बजाय परिवार पहचान पत्र यानी फैमिली आईडी कार्ड अनिवार्य हो गया है। ज्यादातर तो अत्योदय परिवारों के लिए ये शर्त अनिवार्य रूप से लागू की गई है, क्योंकि इनकी ओपीडी पर्ची का कोई पैसा नहीं लगता है। अब तक ओपीडी में सभी के लिए आधार कार्ड से ही कंप्यूटराइज ओपीडी पर्ची दी जा रही थी, मगर इसमें अब फैमिली आईडी का नंबर भी अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग ने भी सोमवार को जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी के गेट पर लाउड स्पीकर लगाकर मरीजों को परिवार पहचान पत्र के प्रति जागरूक करने के लिए मुनादी कराने की व्यवस्था करा दी। हालांकि इस मुनादी में एक रिकॉर्डिंग चलाई जा रही है जिसमें अत्योदय परिवारों के लिए शुरू की गई योजना के बारे में भी मरीजों को बताया जा रहा है। सोमवार को जिला नागरिक अस्पताल में इस तरह की स्पीकर लगाकर की जा रही मुनादी से चुनावी आचार संहिता से भी जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इसे चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन से बाहर बताया है।
दरअसल, ओपीडी में लगाए गए स्पीकर पर निरोगी हरियाणा योजना का टेप चढ़ा है। इसमें हरियाणा सरकार और स्वास्थ्य मंत्री के माध्यम से शुरू की गई इस योजना से लोगों को अस्पताल में अंत्योदय परिवारों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की जानकारी दी जा रही है। इसमें यह भी बताया जा रहा है कि जिन परिवारों की सालाना आमदनी एक लाख 80 हजार है। उन्हें ओपीडी में चेकअप के लिए आने पर अपने साथ फैमिली आईडी भी लानी अनिवार्य होगी। इसके लिए अस्पताल की खिड़की नंबर एक पर अपना रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा। इसके बाद ही उन्हें अस्पताल में निशुल्क जांच का लाभ मिलेगा।
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में अंत्योदय परिवारों के लिए परिवार पहचान पत्र लाना अनिवार्य है। इस श्रेणी के मरीजों के लिए पहले से ही ओपीडी में निशुल्क चेकअप की व्यवस्था कराई गई है। जबकि सामान्य श्रेणी के मरीजों को पांच रुपये की ओपीडी पर्ची लेना अनिवार्य है। इन मरीजों को जागरूक करने के लिए ही फैमिली आईडी से जुड़ा संदेश प्रसारित किया जा रहा है।
-डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।