भिवानी। अब ग्रामीण और शहरी दायरे में डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया पॉजिटिव आने वाले मामलों की जानकारी स्वास्थ्य कर्मी सरपंच, पंच और वार्ड पार्षद को भी देंगे। ताकि समय रहते इलाके में फॉगिंग जैसे जरूरी कदम उठाकर मच्छर का खात्मा किया जा सके।
जिले में डेंगू के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। वहीं मलेरिया का संक्रमण अभी ज्यादा नहीं है। चिकनगुनिया का भी अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। ग्रामीण क्षेत्र में मच्छर का लारवा लगातार अपने डंक का प्रभाव छोड़ रहा है, जिसकी रोकथाम के लिए अभी ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। अधिकांश ग्राम पंचायतों के पास तो फॉगिंग मशीनें तक नहीं हैं।
स्वास्थ्य विभाग की करीब 152 टीमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में घर-घर सर्वेक्षण कर रही हैं। ये टीमें घरों के अंदर पानी के ठहराव वाली जगहों पर मच्छर के लारवा भी देख रही हैं। अब स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य विभाग के एमपीएचडब्ल्यू को सख्त हिदायतें दी हैं कि वे जिस भी इलाके के अंदर सर्वेक्षण करेंगे उसके शुरुआती और आखिरी मकान तक की पूरी डिटेल और उनके नंबर भी मुहैया कराएंगे। इसके अलावा जिन इलाकों में डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया का पॉजिटिव मामला सामने आएगा।
उस इलाके के मुखिया यानी सरपंच, पंच और शहरी दायरे के वार्ड पार्षद को इसकी सूचना भी देगा, ताकि उस इलाके में जरूरी कदम उठाए जा सकें। ग्रामीण व शहरी दायरे में ज्यादातर दिन के समय फोगिंग कराई जा रही है जो मच्छर पर प्रभावी नहीं हो पा रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की हिदायतों के अनुसार शाम छह बजे बाद ही फोगिंग करानी होगी। जिन इलाकों में पॉजिटिव केस मिले हैं, उन घरों में बाहर की बजाए अंदर फोगिंग करानी अनिवार्य है। भिवानी जिले में अब तक डेंगू के इस साल 20 मामले सामने आ चुके हैं।
शहर के निजी अस्पताल में मिला मच्छर का लारवा, विभाग ने दिया नोटिस
शहर के एक निजी अस्पताल परिसर में लगे कूलर के अंदर स्वास्थ्य विभाग को मच्छर का लारवा मिला है। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निजी अस्पताल के संचालक को नोटिस दिया है। नोटिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग की तरफ से यह भी सख्त हिदायतें दी गई हैं कि भविष्य में अगर अस्पताल परिसर में मच्छर का लारवा मिला तो एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। निजी अस्पताल में मच्छर का लारवा मिलना काफी गंभीर बात है जहां पहले से ही मरीज अपना इलाज करा रहे हैं अगर इन मरीजों को मच्छर काटता है तो डेंगू व मलेरिया का खतरा भी होगा।
जिले में डेंगू की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की जांच के लिए नागरिक अस्पताल के एएसएच लैब कमरा नंबर 39 में है। इसके अंदर निशुल्क जांच की जा रही है। जहां पर पॉजिटिव मामले मिल रहे हैं उन इलाकों के जनप्रतिनिधियों को भी इसकी सूचना दी जा रही है ताकि समय रहते प्रभावी कदम उठा सकें।
-डॉ रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन, भिवानी।