भिवानी। सर्दियों में जल संकट के संकेत अभी से मिल रहे हैं। चार फरवरी की सुबह तक टैंकों में नहरी पानी पहुंचेगा। दूसरी बार भी नहरों में उम्मीद से काफी कम पानी ही पहुंचेगा। हालांकि सिंचाई विभाग ने सुंदर ग्रुप की नहरों में 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी है, मगर इससे आधा पानी ही मिलने के आसार हैं। बारिश नहीं होने की वजह से नदी में पानी का स्तर बहुत कम बना है।
जिले के 78 गांवों में भी वाटर टैंक खाली हो चुके हैं। सबसे अहम भिवानी शहर के तीनों जलघर के टैंक खाली होने के कगार पर हैं। वहीं जलघरों में पानी का स्तर बनाने के लिए लगातार आठ बोरवेल भी भूमिगत पानी का दोहन कर रहे हैं। इसके बावजूद भी शहर को एक दिन छोड़ एक दिन पानी नसीब हो रहा है। बूस्टर भी सूखने के कगार पर हैं। क्योंकि इन तक पानी नहीं पहुंचने के कारण ही नियमित सप्लाई कर पाना भी संभव नहीं है।
सिंचाई विभाग के शेड्यूल के हिसाब से तीन फरवरी को हेड से पानी छोड़ा जाएगा। इसके बाद ये पानी चार फरवरी की सुबह तक नहरों में पहुंचेगा। इसी के बाद टैंकों तक पानी का प्रबंध हो पाएगा। हालांकि 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड इस बार सुंदर ग्रुप में रहेगी, मगर यमुना नदी के घटते जल स्तर से डिमांड से करीब आधा पानी मिलने के आसार बने हैं। पिछली बार भी नहरों में काफी कम पानी पहुंचा था, जिसकी वजह से नहरों को बंद कर बारी-बारी से पानी तीन से चार दिन ही मिल पाया था। इस बार दो से 10 फरवरी तक सुंदर ग्रुप का शेड्यूल है। इसके बाद 11 से 18 तक बुटाना ग्रुप में पानी छोड़ा जाएगा।
शहर के पुराना जलघर महम रोड, डाबर कॉलोनी के अलावा निनान जलघर की हालत भी पानी को लेकर खराब है। पुराना जलघर में चार बोरवेल लगातार भूमिगत जल से टैंकों को भरने में लगे हैं। इसी तरह डाबर और निनान जलघर में भी चार बोरवेल से भूमिगत पानी टैंकों में डाला जा रहा है, ताकि राशनिंग के बावजूद पेयजल आपूर्ति जारी रखी जा सके।
नहरों में पानी आने तक राशनिंग जारी रहेगी। हमारा प्रयास है कि नहरों में पानी आने तक एक दिन छोड़ एक दिन शहर को पानी मिलता रहे। नहरों में पानी आने के बाद ही शहरी पेयजल आपूर्ति नियमित हो पाएगी। फिलहाल भूमिगत पानी को भी बोरवेल से टैंकों में डाल आपूर्ति का काम चला रहे हैं।
-सतीशचंद्र, एसडीओ, शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
सुंदर ग्रुप की जूई और मिताथल फीडर में चार फरवरी तक पानी पहुंचने की उम्मीद है। ये पानी तीन फरवरी को हेड से छोड़ा जाएगा। हमारी प्राथमिकता शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के जलघर के टैंकों को भरने की रहेगी। कृषि के लिए पानी की ज्यादा डिमांड नहीं है। यमुना नदी में पानी का स्तर भी ज्यादा नहीं है।
-अमनदीप देशवाल, कार्यकारी अभियंता, जूई वाटर सर्विसेज सिंचाई विभाग भिवानी।