भिवानी। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की खंडपीठ ने शुक्रवार को आयोग सदस्य प्रीति भारद्वाज दलाल की अध्यक्षता में पंचायत भवन में बेंच लगाकर बच्चों की शिकायतें सुनीं। सदस्य प्रीति भारद्वाज ने शिविर में बच्चों की समस्याएं सुनते हुए संबंधित विभाग के विभागाध्यक्षों को समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं व सेवाओं का लाभ लेने से कोई भी पात्र बच्चा वंचित नहीं रहना चाहिए। आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए वचनबद्ध है। एनसीपीसीआर सदस्य प्रीति भारद्वाज दलाल ने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग का उद्देश्य बाल अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। समाज में दिव्यांग बच्चों के प्रति संवेदना जरूरी है। इस दौरान अभिभावकों ने अपने बच्चों की दिव्यांगता से संबंधित समस्याएं बेंच के सामने शिकायत रखी, जिन्हें गंभीरता पूर्वक सुना गया और समाधान के निर्देश दिए गए। अधिकतर शिकायतें बच्चों के दिव्यांग प्रमाण-पत्र व उनके अधिकारों व सरकारी योजनाओं के लाभ से संबंधित थी।
शिविर में विकलांग बच्चों के प्रमाण-पत्र बनाए गए। दस्तावेजों में जो कमी पाई गई, उन्हें ठीक किया गया है। अनाथ बच्चों को आर्थिक मदद प्रदान करने व सरकार की योजनाओं का लाभ देने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों को सुविधाएं व संरक्षण सुनिश्चित हो और निर्धारित समय सीमा में संबंधित प्रकरणों का निराकरण संभव किया जाए। सुनवाई के दौरान संबंधित विभागों के माध्यम से निराकरण भी किया गया। उन्होंने कहा कि सभी अभिभावक भी सरकारी निर्देशों की अनुपालना करें।
सभी बच्चों की सुरक्षा का समान महत्व : प्रवीण जोशी
हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की चेयरपर्सन प्रवीण जोशी ने कहा कि आयोग के लिए जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों की सुरक्षा का समान महत्व है। सभी समस्याओं का शत-प्रतिशत समाधान सुनिश्चित करना राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया कि वे पॉक्सो एक्ट, बच्चा गुमशुदा, बाल मजदूरी, बाल भिक्षावृत्ति, स्कूल संबंधी किसी दस्तावेज प्राप्त करने में परेशानी, आधार कार्ड, स्वास्थ्य संबंधी तथा मेडिकल सर्टिफिकेट आदि किसी भी तरह की शिकायत को आयोग के समक्ष रख सकते हैं। इस दौरान एसडीएम हरबीर सिंह, हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सदस्य सुमन राणा, गणेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य, पुलिस उप अधीक्षक सुरेश कुमार, डीडीपीओ आशीष मान, जिला कार्यक्रम अधिकारी वैशाली, जिला बाल संरक्षण अधिकारी संदीप सिंह, कानूनी सह परिवेक्षक राज कुमार कोठारी, जिला बाल कल्याण समिति स्टाफ उपस्थित रहे।