सामान्य अस्पताल परिसर में धरना देते एनएचएम कर्मी।
भिवानी। एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को भी चौथे दिन जारी रही। एनएचएम कर्मचारियों ने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना देकर नारेबाजी की। वहीं केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल दो अगस्त तक बढ़ा दी गई।
इस दौरान जिला नागरिक अस्पताल से लेकर पीएचसी और सीएचसी तक भी स्वास्थ्य सेवाओं पर हड़ताल का असर पड़ा। जिलेभर में खुली 50 डिलीवरी हट और एंबुलेंस सेवा के अलावा टीकाकरण और जागरूकता कार्यक्रम भी प्रभावित रहे। वहीं कौशल रोजगार के अलावा प्रशिक्षु कर्मचारी ने मोर्चा संभाला।
एनएचएम के तहत लगे कर्मचारियों को नियमित किए जाने की मांग को लेकर लगातार चार दिनों से हड़ताल चल रही है। भिवानी जिले में करीब साढ़े पांच सौ एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इनमें एएनएम, जीएनएम, हेल्पर, फार्मासिस्ट, एंबुलेंस चालक, वार्ड ब्वाय सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। हड़ताल के दौरान ये कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
एनएचएम के तहत स्वास्थ्य विभाग में पीएचसी, शहरी पीएचसी से लेकर सीएचसी, सब डिविजनल अस्पताल और जिला नागरिक अस्पताल में भी बड़े स्तर पर एनएचएम कर्मचारी तैनात हैं। यानी स्वास्थ्य विभाग में 70 फीसदी एनएचएम कर्मचारियों के कंधों पर ही स्वास्थ्य सेवाओं का भार है। ये कर्मचारी चार दिन से काम पर नहीं लौट रहे हैं। जिसकी वजह से गांवों और शहर में भी स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा रही हैं।
एनएचएम कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल चार दिन के लिए और बढ़ा दी है। हमारी मांग है कि सरकार समान काम समान वेतन की नीति के तहत एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
-सुधीर भारद्वाज, यूनियन नेता, एचएचएम साझा मोर्चा।