नेहरू पार्क की खस्ताहाल दीवारें, कोने में पड़ा कूड़ा कचरा।
भिवानी। इन दिनों नेहरू पार्क बदहाली की कगार पर है। पार्क के अंदर पीने के पानी की सुविधा नहीं है। दीवारें व कुर्सी टूटी हुई हैं। कचरा उठान व सफाई का उचित प्रबंध नहीं है।
पार्क चौकीदार के अभाव में शराबियों का अड्डा बन जाता है। आवारा किस्म के लोग कुर्सी व झूले तोड़ कर चले जाते हैं। लोग सुबह शाम यहां सैर करने के लिए आते हैं। यह पार्क शहर के बीचों बीच स्थित है। इस पार्क के पिछले हिस्से में साई हॉस्टल, किरोडीमल पार्क, रेलवे स्टेशन व नागरिक अस्पताल नजदीक है। इसके कारण नागरिक अस्पताल में दाखिल परिजनों के साथ आए लोग यहां आराम करते हैं।
शहरवासी कृष्ण कुमार, रणजीत, सुलोचना, सावित्री व प्रमिला ने बताया कि वो रोजाना सुबह शाम पार्क में सैर करने आते हैं। इस दौरान वो चीटीयों को आटा भी डालते हैं। यहां रोजाना योगा भी करते हैं लेकिन पार्क में पीने के पानी की सुविधा नहीं है। इससे उन्हें घर से बॉटल साथ लानी पड़ती है। कचरे का उठान नहीं होने पर बंदर खाने के लालच में यहां घूमते रहते हैं। उन्होंने प्रशासन से पार्क के हालात सुधारने की मांग रखी।
घास काटने के लिए नहीं मशीन
रेलवे स्टेशन के समीप कॉलोनी निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि वह रोजाना पार्क में आते हैं। उन्होंने पक्षियों को पानी पिलाने के लिए सकोरे रखे हुए हैं। लेकिन पार्क में पानी नहीं होने की वजह से आसपास के घरों से या पार्क से कुछ दूरी पर बनी टंकी से पानी लाकर पक्षियों के लिए रखते हैं। सफाई न होने की वजह से यहां कचरा फैला रहता है। घास काटने के लिए तो मशीन की सुविधा पार्क में है। लेकिन कचरा उठान धीमा है।