तोशाम। शनिवार और रविवार को उच्च अधिकारियों के आदेश अनुसार मंडी में सरसों की फसल खरीद का कार्य बंद रहा। लेकिन किसान को उम्मीद थी कि सोमवार 15 अप्रैल से फसल खरीद का कार्य शुरू हो जाएगा और उसकी सरसों की फसल बिक जाएगी। परंतु सरसों की फसल पर लगने वाली जीएसटी को लेकर शनिवार को आढ़ती संगठन बिफर गया। आढ़तियों ने कहा कि जीएसटी की शर्त के विरोध में तोशाम मंडी में सरसों खरीद आज बंद रहेगी।
शनिवार को आढ़ती संगठन के प्रधान चेतन शर्मा, सज्जन कुमार, रमेश पूनिया, विजेंद्र सिंह, अनिल झूलली, दीपू ख्यालिया, अनिल शर्मा, विजेंद्र, सचिन पटौदी, प्रवीण संडवा आढ़तियों का कहना था कि हमें सिर्फ आश्वासन मिला है, फसल पर जीएसटी जस का तस लग रहा है। जिसके विरोध में शनिवार को सभी आढ़तियों ने एकत्रित होकर निर्णय लिया कि यदि सरसों खरीद पर लगने वाली पांच प्रतिशत जीएसटी को नहीं हटाया जाता है तो सोमवार 15 अप्रैल से एक बार फिर शुरू होने वाली सरसों फसल की खरीद तोशाम अनाज मंडी में आढ़ती नहीं करेंगे।
वहीं आढ़तियों का कहना था कि तोशाम अनाज मंडी में सरसों की उठान प्रक्रिया भी काफी धीमी गति से चल रही है। जिससे मंडी परिसर में चारों तरफ सरसों के ढेर लग गए हैं और मंडी में सरसों की फसल रखने के लिए भी काफी कम जगह है। ऐसी परिस्थितियों में किसान के लिए भी परेशानी बढ़ना लाजमी है। शनिवार तथा रविवार को फसल खरीद का कार्य बंद होने के पश्चात यदि सोमवार को भी आढ़तियों द्वारा जीएसटी को लेकर सरसों खरीद का कार्य बंद रखा गया तो किसानों के लिए समस्या और भी अधिक बढ़ जाएगी।
इस संबंध में मार्केट कमेटी सचिव सुदेश कुमारी से बातचीत की गई तो उनका कहना था कि जीएसटी का मामला परचेज एजेंसी और आढ़तियों के बीच का है। जीएसटी से उनका कोई लेना-देना नहीं है फिर भी वह आढ़तियों की यह समस्या उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाएंगी।
कुष्णा सक्सेना
कुष्णा सक्सेना