भिवानी। नई बस्ती निवासी जेबीटी शिक्षक जितेंद्र के परिवार के तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी बिजेंद्र व उसके दोस्त प्रदीप से पुलिस ने रिमांड के दौरान कई बातें उगलवाई हैं। बिजेंद्र हत्या को हादसे का रूप देने के लिए गुरुग्राम के कादरपुर से अंगीठी, कोयला और लकड़ियां खरीदकर लाया था। सुनियोजित ढंग से तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद बिजेंद्र और उसका दोस्त प्रदीप गुरुग्राम के सोहना पहुंचे, जहां उन्होंने शिक्षक जितेंद्र के घर की अलमारी से चुराए गए गहनों को सात-आठ लाख रुपये में बेच दिया था।
पुलिस पूछताछ में हत्यारोपी बिजेंद्र और प्रदीप ने बताया कि हत्याकांड को अंजाम देने के लिए दोस्त से नींद की गोलियां लेकर आया था। उसका दोस्त इन गोलियों का नशा करता था और अधिक मात्रा में इनके सेवन से व्यक्ति गहरी नींद या फिर नींद में ही मौत के आगोश तक भी पहुंच सकता था। इसका एहसास भी बिजेंद्र को पहले से ही था।
नई बस्ती निवासी जेबीटी दिव्यांग शिक्षक जितेंद्र, उसकी पत्नी सुशीला व बेटी हिमानी की 26 जनवरी की रात को सुनियोजित ढंग से नींद की गोलियां खिलाकर अंगीठी के धुएं से दम घोटकर हत्या कर दी गई थी। 27 जनवरी की सुबह पुलिस व आसपास के लोगों को इसका पता चला था। पुलिस की गहन छानबीन में जितेंद्र का बड़ा भाई बिजेंद्र ही इस हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार निकला, जिससे कड़ी पूछताछ में उसके दोस्त प्रदीप का नाम भी उजागर हुआ। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। 10 फरवरी को दोनों का रिमांड पूरा होगा, जिसके बाद उन्हें 11 फरवरी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल पुलिस इन दोनों के अलावा परिवार के अन्य लोगों की भूमिका को भी खंगालने में जुटी है। हालांकि अभी तक किसी भी तीसरे का नाम सामने नहीं आया है।
दो से तीन माह में आएगी पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पुलिस के जांच अधिकारी एएसआई मनीष वालिया ने बताया कि तिहरे हत्याकांड में तीनों शवों का चिकित्सकों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया गया है। इसकी रिपोर्ट दो से तीन माह में आएगी। विसरा रिपोर्ट भी मधुबन भेजी गई है। इसकी रिपोर्ट आने में भी समय लगेगा।
तिहरे हत्याकांड के आरोपी बिजेंद्र और प्रदीप से रिमांड के दौरान पूछताछ की जा रही है। अब तक किसी तीसरे की कोई भूमिका पुलिस के सामने नहीं आई है, लेकिन फिर भी पुलिस इस मामले की गहनता से तहकीकात में लगी है।
-एएसआई मनीष वालिया, जांच अधिकारी जैन पुलिस चौकी भिवानी।