भिवानी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई के बाद आखिरकार नगर परिषद अधिकारियों की नींद भी टूट गई और उन्हें हवा में फैला प्रदूषण भी दिखाई देने लगा। वीरवार को नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी और सफाई निरीक्षक की टीम ने शहर में निरीक्षण किया और इस दौरान दुकानों के आगे कूड़े के ढेर जलाने वालों के चालान काटे।
इस दौरान नगर परिषद अधिकारियों ने दुकानदारों से कूड़ा नहीं लाने का भी आह्वान किया। दरअसल, अमर उजाला के वीरवार के अंक में कई जगह जल रहे कूड़े, नगर परिषद को नोटिस देने की तैयारी में नियंत्रण बोर्ड शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर में जिलाधीश के धारा 144 के आदेशों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाए जाने के मामले सामने आए। इसके बाद ही नगर परिषद अधिकारी अपने कार्यालयों से निकलकर कूड़े के ढेर में सुलग रहे शहर को बचाने निकल पड़े।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से भिवानी सहित एनसीआर क्षेत्र में लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के निर्देश जारी किए हैं। बढ़ते पर्यावरण पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सरकारों को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार व एनजीटी के निर्देशानुसार जिलाधीश नरेश नरवाल ने सभी एसडीएम, शहरी स्थानीय निकाय के अधिकारियों, एसएसआईआईडीसी, खनन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस, यातायात पुलिस, प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, श्रम विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, परिवहन, एनएचएआई सहित संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे जिले में भवन निर्माण स्थलों व औद्योगिक इकाइयों का नियमित रूप से निरीक्षण करें। यदि कहीं पर एनजीटी के आदेशों की अवहेलना होती है तो उन पर नियमानुसार कार्रवाई करें।
उपायुक्त द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि निर्माणाधीन साइट पर एंटी वाटर गन व स्प्रिंकलर लगे हों। एनएचएआई के अधिकारियों को सड़कों पर धूल-मिट्टी को उड़ने से रोकने के पानी का छिड़काव कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा औद्योगिक इकाइयां निर्माण कराते समय वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम का प्रयोग करें।
निरीक्षण कर काटे कूडा जलाने पर चालान
नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी अभय सिंह यादव और सफाई निरीक्षक विकास देसवाल ने शहर में चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने दुकानों के सामने कचरे में आग लगाने वालों के चालान काटे। इसके साथ ही उन्होंने दुकानदारों से अपील करते हुए कहा कि दुकानों या अन्य प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को नगर परिषद के ऑटो टिप्पर या अन्य कचरा कलेक्शन वाहन में डालें। जगह-जगह कचरा एकत्रित न करें और कचरे में आग न लगाएं।
-
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ-साथ पड़ोसी प्रांतों में पर्यावरण प्रदूषण बढ़ रहा है, जिसमें हमारा जिला भी अछूता नहीं है। सर्वोच्च न्यायालय, सरकार व एनजीटी की ओर से प्रदूषण पर नियंत्रण को लेकर जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी के सहयोग से पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण किया जा सकता है। शहरवासियों से अपील है कि वे कूड़े-कचरे में आग न लगाएं। शहर और पर्यावरण को स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
-अनुपमा अंजली, नगर आयुक्त एवं एडीसी भिवानी।