भिवानी। नगर परिषद ने लाखों रुपयों का बजट खर्च कर करीब चार साल पहले होर्टिकल्चर कूड़ा पिट बनाए थे। ये होर्टिकल्चर कूड़ा पिट शहर के सार्वजनिक स्थल या फिर बड़े पार्कों में बने थे। आज तक होर्टिकल्चर कूड़ा पिट से न तो गीले कूड़े का निस्तारण हो पाया और न ही कोई खाद तैयार की जा सकी।
शहर में कई जगहों पर तो होर्टिकल्चर कूड़ा पिटों का अस्तित्व ही मिट गया। जहां अब पिट के नामों-निशान तक नहीं हैं। हैरानी तो इस बात की भी है कि नगर परिषद अधिकारी इस मामले में अपना पल्ला झाड़ रहे हैं वहीं कचरा निस्तारण करने वाली कंपनी ने भी अभी इनकी कोई जिम्मेदारी नहीं ली है।
शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में नगर परिषद ने सार्वजनिक स्थलों और बड़े पार्कों में होर्टिकल्चर कूड़ा पिट का निर्माण कराया था। नगर परिषद का एक पिट के निर्माण पर करीब 20 से 25 हजार रुपये का बजट भी खर्च हुआ था। जिसमें आसपास के गीले कचरे और सूखे पत्तों को इसी पिट के अंदर निस्तारण कर उससे खाद बनाने की योजना थी। इसी खाद का इस्तेमाल आसपास की हरियाली को महकाने में इस्तेमाल होना था। मगर समय के थपेड़ों के साथ ये पिट खुद के हाल पर ही छोड़ दी गई। जिसका खामियाजा यह हुआ कि न शहर की सुंदरता बढ़ी न कूड़ा पिट का अस्तित्व बचा। कई पिट के गड्ढे भी पाटे जा चुके हैं, जहां पर यह भी पता नहीं चल रहा है कि यहां कभी कोई पिट होर्टिकल्चर कूड़ा निस्तारण के लिए बनी भी थी या नहीं।
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कचरे का होना था निस्तारण
शहर के पार्कों और सार्वजनिक स्थलों जहां पर अधिक लोगों की आवाजाही बनी रहती हैं। वहां पर गीला कूड़ा और पेड़ पौधों के पत्तों व खाद्य वेस्ट को इन पीटों के अंदर डाला जाना था। जिसका समय के साथ निस्तारण हो जाता और फिर उसी से बनी खाद का इस्तेमाल वहां के पेड़ पौधों को पोषित करने में किया जाना था। अब तक किसी पिट में न खाद तैयार हुई न पौधों को पोषित किया गया। ऐसे में इस बजट से तैयार हुए होर्टिकल्चर कूड़ा पिट समय के साथ ही बिना रखरखाव के नष्ट होते चले गए।
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शहर में यहां बनाए गए थे कूड़ा पिट
नगर परिषद ने शहर के ऐतिहासिक सेठ किरोड़ीमल पार्क, लघु सचिवालय, सेक्टर 23 की ग्रीन बेल्ट, सेक्टर 13 की ग्रीन बेल्ट, हुडा सेंट्रल पार्क के अलावा कई सार्वजनिक स्थलों व इनके आसपास होर्टिकल्चर कूड़ा पिट का निर्माण कराया था। सेठ किरोड़ीमल पार्क के कूड़ा पिट गायब हो गए हैं अब कुछ हिस्से में ऑक्सीजन पार्क बना है तो कुछ हिस्से में अब भी गंदगी फैली है। लघु सचिवालय के कूड़ा पिट भी अपने हाल पर छोड़े गए हैं, जिनमें कोई कचरा निस्तारण नहीं हो रहा है। अन्य पार्कों में भी कूड़ा पिटों का यही हाल है।
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नगर परिषद ने कूड़ा उठान और कचरा निस्तारण का काम कंपनी को सौंपा हुआ है। दादरी रोड पर नगर परिषद की 40 और 16 यानी कुल 56 कंपोस्ट कूड़ा पीट बनी हैं, वहीं पर शहर भर से निकलने वाले गीले कचरे का रोजाना निस्तारण हो रहा है। इसके अलावा शहर के जिन हिस्सों व पार्कों में होर्टिकल्चर कूड़ा पीट बनाए गए हैं, उनके रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित रखरखाव ठेकेदारों को सौंपी गई थी। होर्टिकल्चर कूड़ा पिट इस्तेमाल नहीं हो रहे हैं तो इस संबंध में संज्ञान लिया जाएगा।
- सुंदर सिंह श्योराण, कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद भिवानी।