भिवानी। भिवानी नगर परिषद में करीब 10 वर्षों से ठेके पर लगे सफाई कर्मचारियों को घर का रास्ता दिखाकर सरकार व प्रशासन ने 110 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। इसके विरोध में ठेका सफाई कर्मचारी लामबंद हो गए हैं और सोमवार को नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले शहर में प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त को ज्ञापन सौंप हटाए गए कर्मचारियों को वापिस लेने की मांग की।
नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश सचिव पुरूषोत्तम दानव ने कहा कि नगर पालिका में ठेका कर्मचारी करीबन 10 वर्ष से लगातार सफाई कार्य कर रहे थे, जिससे लगभग 110 परिवारों का गुजारा हो रहा था, परंतु सरकार ने इंदौर की कंपनी को सफाई का ठेका दे दिया, जिसके चलते 110 कर्मचारी बेरोजगार हो गए और उनके परिवार के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया।
उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले से ठेका कर्मचारियों रोष है। ठेका सफाई कर्मचारियों को बेरोजगार बनाकर सरकार ने उनके बच्चों को खाने व शिक्षा तक के अधिकार से महरूम कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार लगातार कर्मचारी विरोधी नीति अपनाए हुए है। इस अवसर पर सुरेश कुमार, कुलबीर, तेजपाल, मनीष, जोनी, दारा, सुभाष, प्रेम, विक्की, शेर सिंह, शीतल बागड़ी, सुनील, विनोद, रविंद्र, कमला, मनीषा आदि कर्मचारी मौजूद रहे।