शनिवार को नगर परिषद कार्यालय में मानव सूचना एवं संसाधन विभाग की ओर से मेगा कैंप के दूसरे दिन भी परिवार पहचान पत्र से जुड़ीं 175 समस्याएं लेकर लोग पहुंचे। भिवानी जिले में तीन लाख 20 हजार लोगों की फैमिली आईडी बन चुकी हैं। जबकि फैमिली आईडी में अब भी कई खामियां ऐसी हैं, जिनकी वजह से पात्र परिवार भी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। नगर परिषद कार्यालय में मानव सूचना एवं संसाधन विभाग की तरफ से लगाए गए कैंप के दूसरे दिन शहरी वार्डों से लोग अपनी परिवार पहचान पत्र की गलतियां ठीक कराने पहुंचे।
कई लोगों की समस्याएं सामान्य थी, जबकि कई लोग तो फैमिली आईडी में अजीबोगरीब समस्याएं लेकर भी आए, जिनका समाधान नहीं हो रहा है। नगर परिषद में करीब 13 हेल्प डेस्क लगे हैं। जिन पर परिवार पहचान पत्र से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। एक तरफ के चेकर हेल्प डेस्क है, जिस पर फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याएं जांची जा रही हैं, जबकि दूसरी तरफ मेकर हेल्प डेस्क लगा है, जहां परिवार पहचान पत्र के जरिये नई योजनाओं का लाभ लेने के ऑनलाइन आवेदन भी मौके पर ही कराए जा रहे हैं। शहरी वार्डों से लोग आवेदन कराने के साथ साथ फैमिली आईडी की दिक्कतों को दूर कराने के लिए ज्यादा परेशान दिखे। ये लोग अपने दस्तावेजों के साथ कई दिनों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर भी लगा रहे हैं। जिन्हें अभी तक समाधान नहीं मिला है।
पति करता है मजदूरी, बीपीएल कार्ड से बनी है दूरी
हनुमान ढाणी क्षेत्र निवासी अनिता ने बताया कि उसका पति मेहनत मजदूरी करता है। पांच साल से राशन कार्ड के लिए चक्कर लगा रहे हैं। मगर बीपीएल कार्ड नहीं बना है। उनकी फैमिली आईडी में ढाई से पांच लाख सालाना आमदनी दर्शा रखी है। इससे बीपीएल कार्ड नहीं बन रहा है। आमदनी की वेरिफिकेशन की रिक्वेस्ट भी डाल चुके हैं, मगर फिर भी समाधान नहीं हुआ है।
मेहनत मजदूरी करने वाले को नहीं मिल रहा लाभ
जीतुवाला जोहड़ क्षेत्रवासी मुकेश ने बताया कि उसकी मां विधवा है। भाई को परिवार ने बेदखल किया हुआ है। वह मेहनत मजदूरी कर गुजर बसर कर रहा है। फैमिली आईडी में उसकी मां और मेरे बेदखल भाई की भी ज्यादा आमदनी दिखाई हुई है। असकी वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। कैंप में शिकायत दर्ज कराई है, अब देखो कब तक समाधान होता है।
आधार और वोटर कार्ड में जन्म तिथि में अंतर से नहीं बन रही पेंशन
दादरी गेट आंबेडकर कॉलोनी निवासी राहुल ने बताया कि उसके पिता की आधार कार्ड और वोटर आईडी में जन्म तिथि में अंदर है। इसकी वजह से 61 साल की उम्र होने के बावजूद उसके पिता की पेंशन नहीं बनी है। अधिकारी वोटर कार्ड मांग रहे हैं, उसके पिता के वोटर कार्ड की कॉपी है। कैंप में शिकायत दर्ज कराई है। यह गलती ठीक होने पर ही उसके पिता की पेंशन बनेगी।