भिवानी। गागड़वास व फरटिया के पास दमकोरा माइनर टूटने के बाद जेसीबी से दुरुस्त करते हुए विभागीय क
लोहारू। गागड़वास और फरटिया केहर गांव की सीमा के पास अल सुबह दमकोरा माइनर टूट गई। जब तक ग्रामीणों को इसकी भनक लगी और नहरी महकमे को इसकी सूचना दी गई, तब तक आसपास के किसानों की करीब 20 एकड़ फसल पानी मेें जलमग्न हो गई। यहीं नही नहरी पानी के कारण साथ लगते एक किसान के बोरिंग और मीकाडा के तहत बनाए गई एक डिग्गी को भी नुकसान हुआ है। नहरी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम देर शाम तक नहर को दुरुस्त करने में जुटी रही।
दमकोरा माइनर के साथ लगते खेतों के निवासी किसान रमेश कुमार, रवींद्र, सरदार सिंह, रवि कुमार और लीलाराम ने बताया कि उनके खेतों पास से दमकोरा माइनर गुजरती है। उन्होंंने बताया कि अल सुबह करीब उनके खेतों के पास से यह माइनर टूटी गई और नहर का सारा पानी खेतों में जमा हो गया। धुंध के कारण किसानों को माइनर टूटने की समय पर भनक नही लग पाई। सुबह करीब आठ बजे खेतों में रहने वाले किसानों ने जब पानी के बहने की आवाज सुनाई दी, तो इसकी सूचना तुरंत नहरी विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही नहरी विभाग के एसडीओ अंकित राणा, जेई सतेंद्र कुमार, कर्मचारी प्रवीण सहित विभाग के कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। काफी मशक्कत के बाद माइनर में बहते हुए पानी को रोका गया। टूटी हुई माइनर को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार बुर्जी न. 48 के पास से अचानक यह माइनर क्षतिग्रस्त हुई। पीड़ित किसानों ने प्रशासन और सरकार से इस नुकसान के मुआवजे की मांग की है।