तोशाम में बंद पड़ा खनन कार्य। संवाद
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तोशाम (भिवानी)। दिल्ली-एनसीआर में ठंड बढ़ने के साथ ही हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है। हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक पहुंचने के कारण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने संशोधित ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तीसरे चरण (गंभीर वायु गुणवत्ता) के तहत एनसीआर में ग्रेप का तीसरा चरण लागू कर दिया है। इससे एनसीआर क्षेत्र शामिल खानक में खनन कार्य पर एक बार फिर पाबंदी लग गई है। अगले आदेशों तक खनन कार्य बंद रहेगा।
बता दें कि ग्रेप लागू होने से खानक में बीते 40 दिन से खनन कार्य बंद है। ग्रेप संबंधी आदेशों के बाद क्रशर इकाइयां बंद होने से भवन निर्माण सामग्री का भाव तीन सौ रुपये प्रति टन तक बढ़ गए हैं। 600 रुपये प्रति टन के हिसाब से मिलने वाला क्रॅशर अब 900 रुपये प्रति टन के हिसाब से मिलने लगा है। क्रशर इकाइयों पर क्रशर-रोड़ी का स्टॉक लगभग खत्म होने से भवन निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर भी संकट आ गया है। इससे मकान व अन्य निर्माण कार्य करने वालों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। प्रदूषण स्तर बढ़ने पर दिल्ली-एनसीआर में क्रशर, ईट-भट्ठे उद्योग व अन्य तरह के धुआं उगलने वाले उद्योगों को बंद करने के आदेश जारी किए थे। इसके चलते क्रॅशर इकाइयां भी बंद हो गई थीं। क्रशर इकाइयों बंद होने से पहले खानक में क्रशर की कीमत 550 रुपये प्रति टन थी, इसके बाद 600 रुपये प्रति टन बिकने लगी और अब यह रेट 900 रुपये प्रति टन तक हो गई है। क्रशर एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मलिक ने कहा कि डाडम में भी खनन कार्य सुचारु रूप से चलाने के लिए कृषि मंत्री जेपी दलाल से मिले थे। जल्दी ही खनन कार्य सुचारु होने की संभावना है। इस संबंध में एचएसआईआईडीसी के खानक में मैनेजर अनिल सिंघल ने बताया कि ग्रेप का तीसरा चरण लागू होने से फिलहाल खनन कार्य बंद है।
वायु प्रदूषण की वजह से खनन कार्य बंद किया गया है। आगामी आदेशों तक यह स्थिति जारी रखी जाएगी। - आरके भौंसले, एसडीओ, जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।