गो रक्षा दल के सदस्य पशु एंबुलेंस को ठीक कराने, 24 घंटे चालकों और पशु चिकित्सकों की व्यवस्था कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं बुधवार को प्रशासन की तरफ से लावारिस और घायल पशुओं के इलाज के लिए जारी किए हेल्पलाइन पर भी दिनभर फोन घनघनाते रहे लेकिन किसी कर्मचारी ने फोन नहीं उठाया।
नगर परिषद कार्यालय के बाहर बुधवार को धरने के दूसरे दिन गो रक्षकों ने नगर परिषद ईओ का पुतला फूंककर रोष जताया। गो रक्षा दल के जिला प्रधान संजय परमार ने कहा कि नगर परिषद द्वारा घायल जानवरों के इलाज के लिए दी गई एंबुलेंस को ठीक करवाने, 24 घंटे चालक की सुविधा, नगर परिषद की तरफ से 24 घंटे पशु चिकित्सक की सुविधा देने की मांग को लेकर गो रक्षकों द्वारा बीते 15 नवंबर को सांकेतिक धरना दिया था। उस समय ईओ ने तीन दिन में मांग माने जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन सात दिन बीत जाने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ। जिसके रोष स्वरूप गो रक्षकों को संघर्ष की राह अपनानी पड़ी। उन्होंने कहा कि उक्त मांगों के समाधान के लिए नगर परिषद के वाइस चेयरमैन सतेंद्र मोर द्वारा बुधवार को गो रक्षकों व अतिरिक्त उपायुक्त की बैठक करवाई गई। जिसमें एडीसी ने स्पष्ट तौर पर गो रक्षकों की मांगें माने जाने से इन्कार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान एडीसी ने स्पष्ट तौर पर कहा कि गो रक्षकों की कोई भी मांग नहीं मानी जाएगी और प्रशासन अपने स्तर पर घायल जानवरों का इलाज करवाएगा। परमार ने आरोप लगाया कि एडीसी ने गो रक्षकों पर मुकदमा दर्ज करवाने की भी बात कही, जिसके विरोध स्वरूप गो रक्षक वीरवार से क्रमिक अनशन शुरू करेंगे। संजय परमार ने कहा कि गो रक्षकों के धरने को देखते हुए प्रशासन ने गो रक्षकों के रोष को कम करने के उद्देश्य से एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया था, लेकिन उस हेल्पलाइन नंबर पर फोन करने पर अधिकारी घायल जानवरों का इलाज करने से स्पष्ट मना कर रहे है।
उन्होंने कहा कि उनका ठेका स्वस्थ पशु को उठाने का है, घायल जानवरों के इलाज के लिए नहीं। रात के समय घायल जानवरों के इलाज की व्यवस्था नहीं है। परमार ने कहा कि विभाग ने चालक तो मुहैया करवा दिए लेकिन एंबुलेंस ही खराब पड़ी है। ऐसे में ड्राइवरों का क्या औचित्य बनता है। उन्होंने कहा कि जल्द ही गो रक्षकों की मांगों को पूरा किया जाए, नहीं तो वे मजबूरन अपना संघर्ष तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि गो रक्षकों की सेवा के बीच कोई भी अधिकारी या नेता आया तो उसका विरोध जताया जाएगा। इस मौके पर दिनेश, साहिल, लवकेश, काकू, पालू, मोहन, नीटू मौजूद रहे।