भिवानी। गांव लालावास के लाडले नरेंद्र का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा देखकर हर किसी का सीना गर्व से भर उठा और आंख नम हो गई। शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए बुधवार को गांव के श्मशान घाट पर जनसैलाब उमड़ा। सिपाही शहीद नरेंद्र कुमार का राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव में अंतिम संस्कार हुआ। शहीद के बड़े भाई अनिल कुमार ने मुखाग्नि दी। नगराधीश हरबीर सिंह, तोशाम के एसडीएम मनीष फौगाट, लोहारू के डीएपी अशोक कुमार ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों ने शहीद नरेंद्र कुमार अमर रहे के नारे लगाए।
गांव लालावास निवासी नरेंद्र कुमार (27) मंगलवार को मणिपुर में उग्रवादियों से लड़ाई के दौरान देश की रक्षा करते हुए गोली लगने से शहीद हो गए। बुधवार को बीएसएफ के वाहन में शहीद नरेंद्र कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ पैतृक गांव लालावास में पहुंचा। शहीद के पार्थिव शरीर के गांव में पहुंचने की सूचना मिलते ही समूचे गांव के लोग अपने लाडले के अंतिम दर्शन व नमन करने के लिए एकत्रित हुए।
शहीद के घर से लेकर श्मशान घाट तक लोगों का लंबा हुजूम था और शहीद का पार्थिव शरीर तिरंगे के आगोश में था। अंतिम यात्रा में शामिल ग्रामीण हाथों में तिरंगा थामे और शहीद नरेंद्र कुमार अमर रहे के नारे लगाते हुए जा रहे थे। बेटे की शहादत की सूचना मिलने के बाद पिता एक बार तो सन्न रह गए, लेकिन बेटे की शहादत पर वे नहीं रोए।
उन्होंने अपने बेटे की शहादत पर कहा कि देश का बेटा देश की रक्षा के लिए मां भारती की गोद में चला गया। वहीं मां अपने बेटे की शहादत पर गर्व महसूस कर रही थी, मगर लाडले के जाने से आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। पत्नी नीतू भी पति के अचानक इस तरह छोड़ जाने के बाद सात साल के बेटे हितार्थ के साथ अकेला महसूस कर बिलख पड़ी। सैन्य अधिकारियों ने नरेंद्र की शहादत के बारे में परिजनों को बताया और सेना में अदम्य साहस से दुश्मनों के सामने डटे रहने पर नरेंद्र की शहादत को हमेशा याद रखे जाने की बात कही।
2013 में बीएसएफ बटालियन शिमला में हुआ था भर्ती
शहीद सिपाही नरेंद्र कुमार के पिता किरोड़ीमल राजमिस्त्री हैं। वहीं मां शकुंतला गृहिणी हैं। नरेंद्र कुमार 2013 में बीएसएफ बटालियन नंबर 122 शिमला में भर्ती हुए थे। वर्ष 2015 में हिसार की नीतू के साथ नरेंद्र की शादी हुई, जिससे उनका एक सात वर्षीय बेटा हितार्थ है। शहीद नरेंद्र कुमार वर्ष 2019 से मणिपुर में तैनात थे। शहीद नरेंद्र कुमार को बीएसएफ के आला अधिकारियों ने दिल्ली मुख्यालय से सुबह सलामी देकर उसके पार्थिव शरीर को उसके पैतृक गांव लालावास के लिए रवाना किया था।
शहीद को दी श्रद्धांजलि
शहीद के अंतिम संस्कार में बीएसएफ के राजीव सुनील कमांडेंट बीएसएफ नौंवी बटालियन हिसार व राजपाल सिंह राठी कर्नल बीएसएफ नौंवी बटालियन हिसार, अजय कुमार उप पुलिस अधीक्षक लोहारू व सतीश कुमार थाना प्रबंधक जूईकलां शामिल हुए। शहीद को श्रद्धांजलि देने वालों में भाजपा के जिलाध्यक्ष शंकर धूपड़, जेजेपी के जिलाध्यक्ष जोगेंद्र बागनवाला, पूर्व विधायक शशिरंजन परमार, सांसद धर्मबीर सिंह के पुत्र मोहित चौधरी, कृष्ण मलिक, पूर्व चेयरमैन राजबीर फरटीया, पूर्व चेयरमैन शीश राम गोलागढ़, बीडीसी चेयरमैन नागेश, वाइस चेयरमैन बिजेंद्र, मंडल अध्यक्ष प्रदीप तंवर, पृथ्वी शर्मा, जगदीश लाला प्रधान, नरेंद्र, रामपाल फौजी, राजेंद्र जांगड़ा, भरत सिंह शर्मा, सुरेंद्र, राजेश, राहुल, कृष्ण सुंगरपुर सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल थे।