हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद में रसीद घोटाले की दर्ज हुई एक और एफआईआर में नाम लिखे जाने से बिफरे निवर्तमान उपप्रधान मामनचंद, निवर्तमान पार्षद नरेंद्र सर्राफ ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ शहर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद एक कमेटी पुलिस अधीक्षक से मिली और एफआईआर में झूठे नाम दर्ज करवाने का आरोप लगा मुकदमा खारिज करने की मांग की।
कुछ लोग सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसे झूठे आरोप लगा रहे हैं। इसी के विरोध में वे दोनों अपने समर्थकों सहित सुबह 10 बजे पंचायत भवन चौक के पास एकत्रित हुए। यहां से जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे, जहां एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच करने और फर्जी नाम और आरोपों वाली एफआईआर रद्द करने की मांग की।
पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में मामनचंद व नरेंद्र सर्राफ ने संयुक्त रूप से कहा कि नगर परिषद में हुए फर्जी रसीद घोटाले में उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है, जिसके चलते शहर में उनकी छवि खराब हो रही है। नगर परिषद में जितनी भी फीस जमा होती है, वह ऑनलाइन तरीके से जमा होती है। संबंधित कर्मचारी ही रसीद जारी करता है। इसके बाद उनका इस मामले में कोई औचित्य नहीं रह जाता। इसलिए वे पुलिस अधीक्षक से मांग करते हैं कि इस मामले में उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द किया जाए।
पार्टी की गरिमा को ध्यान में रखते हुए दिया इस्तीफा : मामनचंद
मामनचंद ने जननायक जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय गोठड़ा को जजपा शहरी अध्यक्ष पद से त्यागपत्र सौंपते हुए कहा कि जब तक इस मामले में उन्हें क्लीन चिट नहीं मिल जाती, तब तक वे अपने पद से त्याग पत्र देते हैं। जजपा जिला अध्यक्ष विजय गोठड़ा को अपना त्यागपत्र सौंपते हुए मामनचंद ने कहा कि नगर परिषद घोटाले में उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। इसलिए वे पार्टी की गरिमा को रखते हुए स्वेच्छा से जजपा शहरी प्रधान के पद से अपना त्याग पत्र देते हैं।
11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मिला पुलिस अधीक्षक से
निवर्तमान उपप्रधान मामचंद को गलत तरीके से घोटाले के मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह से मिला। इसमें गुलशन प्रधान, धर्मबीर ठेकेदार प्रधान, संजय, संदीप भारद्वाज, आनंद बासिया, इंद्र सैनी, अशोक यादव, लालचंद जांगड़ा, सोना देवी, बिमला देवी रहे। सभी ने इस मामले में मामनचंद व नरेंद्र सर्राफ के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर रद्द करने की मांग की।