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भिवानी नप रसीद घोटाला: एफआईआर दर्ज होने के बाद निवर्तमान उपप्रधान मामन और पार्षद सर्राफ ने समर्थकों के साथ किया प्रदर्शन

Wed, 20 Apr 2022 01:25 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)

सार

नगर परिषद में रसीद घोटाले के मामले में पुलिस अधीक्षक से एफआईआर रद्द करने की मांग की। कुछ लोगों पर अपनी राजनीति चमकाने के चक्कर में झूठे नाम दर्ज करवाने का आरोप लगाया।
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ज्ञापन सौंपते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद में रसीद घोटाले की दर्ज हुई एक और एफआईआर में नाम लिखे जाने से बिफरे निवर्तमान उपप्रधान मामनचंद, निवर्तमान पार्षद नरेंद्र सर्राफ ने मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ शहर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद एक कमेटी पुलिस अधीक्षक से मिली और एफआईआर में झूठे नाम दर्ज करवाने का आरोप लगा मुकदमा खारिज करने की मांग की।

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निवर्तमान उपप्रधान मामनचंद ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए झूठे नाम लेकर एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं। घोटाले में नाम लिए जाने पर मामनचंद ने जजपा के शहरी अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया और कहा कि जब तक वे पाक नहीं निकलते, तब तक एक कार्यकर्ता के तौर पर कार्य करेंगे।

उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में चेक घोटाले के बाद रसीद घोटाला सामने आया। हाल ही में शहर थाना पुलिस ने सुशील वर्मा की शिकायत पर निवर्तमान चेयरमैन रण सिंह यादव, निवर्तमान उपप्रधान मामनचंद, निवर्तमान पार्षद नरेंद्र सर्राफ, रजनीश के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसी मामले में मामनचंद और नरेंद्र सर्राफ ने कहा कि उनका नाम झूठा लिया गया है।

 

कुछ लोग सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऐसे झूठे आरोप लगा रहे हैं। इसी के विरोध में वे दोनों अपने समर्थकों सहित सुबह 10 बजे पंचायत भवन चौक के पास एकत्रित हुए। यहां से जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे, जहां एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच करने और फर्जी नाम और आरोपों वाली एफआईआर रद्द करने की मांग की। 

 

पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में मामनचंद व नरेंद्र सर्राफ ने संयुक्त रूप से कहा कि नगर परिषद में हुए फर्जी रसीद घोटाले में उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है, जिसके चलते शहर में उनकी छवि खराब हो रही है। नगर परिषद में जितनी भी फीस जमा होती है, वह ऑनलाइन तरीके से जमा होती है। संबंधित कर्मचारी ही रसीद जारी करता है। इसके बाद उनका इस मामले में कोई औचित्य नहीं रह जाता। इसलिए वे पुलिस अधीक्षक से मांग करते हैं कि इस मामले में उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को रद्द किया जाए।

 

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इस मौके पर उनके साथ संदीप भारद्वाज, मुकेश रहेजा, दलबीर छोटू, हर्ष डुडेजा, पार्षद प्रतिनिधि पवन सैनी, सुभाष तंवर, नरेंद्र तंवर, कमल यादव, अशोक कामरा, प्रवीण चावला, पूर्व पार्षद अशोक यादव, इंद्र सैनी, आनंद बासिया, भानु प्रकाश शर्मा अध्यक्ष व्यापार मंडल, संदीप अग्रवाल प्रधान श्री अग्रवाल सभा, विष्णु केडिया, धर्मबीर ठेकेदार प्रधान श्रीदक्ष प्रजापति महासभा, विनोद कटले वाला, लालचंद जांगड़ा, रामू डब्बे वाला, संजय धोना, सुखीराम ठेकेदार, सतपाल ठेकेदार, कृष्ण सैनी, नरेंद्र मित्तल, टोनी राजपूत, कालू राजपूत, जग्गी यादव, राजबीर काका, डॉ. धर्मा, नरेंद्र सांगवान, नरेश बेडवा, सुरेंद्र ठेकेदार बड़ेसरिया, राजू तंवर, राजेंद्र यादव, संदीप कौशिक, रामचंद्र सैनी, गोपालदास महाराज, विनोद रोहिल्ला, चंद्रभान बाबा, ओमपाल, पप्पू, भालन, राजकपूर, सुनील सीआर, अमन गुप्ता, ओमप्रकाश वर्मा, रामनिवास पंघालिया, हैप्पी प्रधान, राजेंद्र हुनी, जगमोहन सैनी, अनूप यादव, पंकज पेट्रोल पंप, अनिल तुहिरामका, गोपी यादव आदि उपस्थित रहे।


पार्टी की गरिमा को ध्यान में रखते हुए दिया इस्तीफा : मामनचंद
मामनचंद ने जननायक जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विजय गोठड़ा को जजपा शहरी अध्यक्ष पद से त्यागपत्र सौंपते हुए कहा कि जब तक इस मामले में उन्हें क्लीन चिट नहीं मिल जाती, तब तक वे अपने पद से त्याग पत्र देते हैं। जजपा जिला अध्यक्ष विजय गोठड़ा को अपना त्यागपत्र सौंपते हुए मामनचंद ने कहा कि नगर परिषद घोटाले में उन्हें गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। इसलिए वे पार्टी की गरिमा को रखते हुए स्वेच्छा से जजपा शहरी प्रधान के पद से अपना त्याग पत्र देते हैं।
 

11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मिला पुलिस अधीक्षक से
निवर्तमान उपप्रधान मामचंद को गलत तरीके से घोटाले के मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाते हुए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह से मिला। इसमें गुलशन प्रधान, धर्मबीर ठेकेदार प्रधान, संजय, संदीप भारद्वाज, आनंद बासिया, इंद्र सैनी, अशोक यादव, लालचंद जांगड़ा, सोना देवी, बिमला देवी रहे। सभी ने इस मामले में मामनचंद व नरेंद्र सर्राफ के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर रद्द करने की मांग की।

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