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बिना बैंडबाजा, बिना बाराती आए दूल्हे राजा

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Lockdown wedding: The groom Raja without bandbaaja - फोटो : Bhiwani
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लॉकडाउन में दिनचर्या ही नहीं बल्कि लोगों की जीवन शैली में भी बड़ा बदलाव हुआ है। लॉकडाउन की एक ऐसी ही शादी शनिवार को जिले के नंदगांव के दूल्हे की हुई। नंदगांव वासी अमीर सिंह यादव ने अपने बेटे मंदीप का रिश्ता बाढड़ा के मांढी हरिया में ओमप्रकाश की बेटी अंजू से तय किया था। अमीर सिंह गांव में ही खेतीबाड़ी करते हैं और मंदीप उसका इकलौता बेटा है। अमीर सिंह अपनी बेटी की शादी कर चुके हैं। अपने इकलौते बेटे की शादी धूमधाम से करना चाहते थे, लेकिन लॉकडाउन लगा तो परिस्थितियां ही बदल गई। लेकिन अमीर सिंह ने परिस्थितियों के मुताबिक अपने बेटे की शादी तय तारीख यानी 15 मई को ही कर दी। मंदीप के साथ सिर्फ पांच लोग साथ गए, जिनमें सुबेदार मनोहरलाल, हिम्मत सिंह, महासिंह, फौजी परमजीत सिंह और खुद लड़के के पिता। दूल्हन के घर पहुंचते ही सादे माहौल में मंडप सजा और फिर सात फेरे लेने के बाद दुल्हन लेकर घर पहुंच गए। आम तौर पर शादी में पांच से दस लाख रुपये का खर्च आता, लेकिन लॉकडाउन की ये शादी सिर्फ कुछ हजारों में ही सिमट गई। संदीप और अंजू भी हमेशा के लिए एक दूजे के हो गए। मगर इस शादी से दूसरों को शादी विवाह में फिजूल खर्ची नहीं करने की नसीहत मिली। शादी में न बैंडबाजा था, ना बाराती थे और ना ही हलवाई बुलाने पड़े। फोटोग्राफर तक शादी में नहीं बुलाया गया। खुद ही मोबाइल से शादी की कुछ तस्वीरें यादगार के लिए खिंची गई। नंदगांव वासी आर.के धौनी ने बताया कि मंदीप की शादी में उसका जीजा और फूफा भी नहीं आ पाया। क्योंकि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से लॉकडाउन में परिस्थितियां ही कुछ ऐसी हो गई हैं। शादी में जिला प्रशासन द्वारा दी गई हिदायतों में सामुदायिक दूरी बनी रहे, इसका का पालन भी किया गया। आरके धौनी ने बताया कि सादगी से की गई शादी समाज में फैली कई सामाजिक बुराइयों के लिए भी बड़ी नसीहत है।
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