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Bhiwani News: शिक्षा निदेशालय की सख्ती के बावजूद तैयार नहीं हुई जिला मुख्यालय पर स्कूलों की सूची

Thu, 29 Feb 2024 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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संजय वर्मा
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भिवानी। हरियाणा स्कूली शिक्षा निदेशालय की सख्ती के बावजूद भी भिवानी जिला में शिक्षा अधिकारी गैर मान्यता व अस्थायी मान्यता वाले स्कूलों की सूची तैयार करने में सुस्त है। तीन खंडों से ही जिला मुख्यालय पर निजी स्कूलों की सूची भेजी गई हैं, जिसमें भी इक्का दुक्का स्कूलों के आधे अधूरे नाम हैं।
भिवानी खंड में सबसे अधिक गैर मान्यता व अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूल हैं, मगर भिवानी खंड से ऐसे स्कूलों की सूची भी तैयार नहीं हुई है। वहीं शिक्षा निदेशालय से भी स्पष्ट आदेश हो चुके हैं कि अप्रैल में 2024-25 नए शिक्षा सत्र के दौरान स्थायी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के अलावा किसी भी स्कूल में बच्चों के दाखिला अभिभावक नहीं करा सकेंगे। वहीं ऐसे स्कूलों की सूची सार्वजनिक किए जाने और अभिभावकों को ऐसे स्कूलों के झांसे से बचाने के लिए आगाह करने के आदेश भी शिक्षा अधिकारियों को हैं।
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भिवानी जिले में 70 से अधिक निजी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास शिक्षा विभाग से अस्थायी मान्यता मिली हुई हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ढाई सौ से अधिक ऐसे निजी विद्यालय चल रहे हैं, जिनके पास किसी भी तरह की न तो मान्यता है न अनुमति है। हैरानी की बात तो यह भी है कि एक ही नाम से संस्थान कई स्कूलों का संचालन भी नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। ये सब शिक्षा अधिकारियों की ठीक नाक तले हो रहा है। शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में गैर मान्यता व बिना मान्यता के चल रहे स्कूलों की सूची तलब की थी।
इसमें खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से फिजिकल सर्वेक्षण भी कराया जाना था, अधिकारियों ने सर्वेक्षण किया या नहीं इसका तो पता नहीं मगर कुछ खंडों के स्कूलों की सूची पर अधिकारियों ने कुंडली जरूर जमा दी है। जिसकी वजह से निदेशालय को भिवानी जिले की अभी सूची भी नहीं भेजी गई है। वहीं निदेशालय इससे भी दो कदम आगे चल रहा है। फिलहाल मामला हाई कोर्ट में भी पहुंचा है। जिसमें शिक्षा विभाग ने भी नए शिक्षा सत्र से इन स्कूलों में बच्चों के दाखिला नहीं होने देने की बात कहते हुए शिक्षा अधिकारियों को भी इस संबंध में पत्र जारी कर दिया है।

कैसे बचेंगे अभिभावक, स्कूलों में होने लगे दाखिले
हैरत तो इस बात की भी है कि मार्च शुरू होने से पहले ही निजी स्कूलों में बच्चों की परीक्षाएं भी हो चुकी हैं और दाखिला भी शुरू हो गया है। ऐसे में अस्थायी मान्यता प्राप्त और गैर मान्यता प्राप्त निजी स्कूल भी धड़ल्ले से बच्चों के दाखिला करने में जुटे हैं। वहीं अभिभावकों को भी अभी तक यह असमंजस बना है कि कौन सा स्कूल मान्यता प्राप्त है और कौन से स्कूल को मान्यता नहीं है। वहीं जिन स्कूलों का विभाग के पास कुछ भी नहीं है, वे भी स्कूल के बाहर स्थायी मान्यता का बोर्ड लगा अभिभावकों को झांसा देने का प्रयास कर रहे हैं।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से गैर मान्यता प्राप्त और अस्थायी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों की सूची मांगी गई है। इसमें तीन से चार खंडों से स्कूलों की सूची आ चुकी हैं, जबकि कुछ खंडों से सूची नहीं आई हैं, उन्हें तत्काल ये सूची भेजने के आदेश दिए गए हैं। सभी खंडों से स्कूलों की रिपोर्ट आने के बाद उन्हें सार्वजनिक किया जाएगा और अभिभावकों को भी अपने बच्चों को इनके अंदर दाखिला नहीं कराने के लिए आगाह और जागरूक किया जाएगा। - नरेश महता, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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