भिवानी की गोशाला में गाय के उपचार की जानकारी देते गोसेवक।
भिवानी। गोरक्षा दल टीम की सतर्कता और पशु पालन विभाग के साथ जिला प्रशासन के प्रबंधों ने श्राद्ध की अमावस्या पर गायों की जान बचा ली। देर शाम तक शहरभर से गोशाला में केवल तीन बीमार गायों को एंबुलेंस से लाया गया, जिनकी प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार है। वहीं इस बार की श्राद्ध अमावस्या पर किसी भी गाय को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ी। जबकि पिछले साल श्राद्ध अमावस्या पर 32 गायों की जान चली गई थी और 70 से अधिक गाय तला भोजन खाने से बीमार हो गई थी।
श्राद्ध अमावस्या पर शहरभर में गो रक्षा दल टीम के सहयोग से 12 अस्थायी बाड़े बनाए गए, जिनके अंदर करीब 1200 से अधिक लावारिस गायों को रखा गया था। यहां पर लोगों द्वारा पितृ तृप्ति के लिए अलग से पात्र भी रखा था, जिसके अंदर भोजन को एकत्रित किया गया। जिन्हें बाद में हरा चारा के साथ पकाकर गायों को खिलाया गया।
महम रोड स्थित गोशाला में बुधवार देर शाम को तीन बीमार गायों को ही गो रक्षा दल की एंबुलेंस से लाया गया। गो रक्षा दल जिला अध्यक्ष संजय परमार ने बताया कि श्राद्ध अमावस्या पर बुधवार देर रात तक गो रक्षा दल टीम के सदस्य शहर भर में बीमार गायों की जानकारी जुटते रहे। वीरवार सुबह तक पता लगेगा कि तला हुआ भोजन खाने से कितनी गाय बीमार हुई हैं, लेकिन अभी तक किसी गाय की मौत की सूचना नहीं है। जिन तीन गायों को गोशाला में लाया गया है, उन्हें प्राथमिक उपचार दिया है, जिनके बाद उनकी स्थिति भी नियंत्रण में है। वहीं महम रोड स्थित गोशाला में तीन चिकित्सकों की टीम आपातकालीन सेवा में लगी है। इसमें डॉ. विजय सनसनवाल, डॉ. सोनू वर्मा व डॉ. जितेंद्र भारद्वाज शामिल थे। संवाद