भिवानी। महिला पहलवानों को समर्थन के बाद अब पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर भी संयुक्त किसान मोर्चा और खापें एकजुट हो गई हैं। शनिवार को पुरानी पेंशन बहाली संघर्ष समिति के आह्वान पर साइकिल जत्थे का संयुक्त किसान मोर्चा, सांगवान खाप, दुहन खाप, जाटू खाप, सर्व कर्मचारी संघ, किसान सभा, युवा कल्याण संगठन, डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन ने समर्थन दिया।
इन सभी खापों व किसान नेताओं के साथ आसपास गांव के सरपंचों ने कितलाना टोल पर नेतृत्व करने वालों को पगड़ी पहनाकर जोरदार स्वागत किया। जत्थे का नेतृत्व समिति के प्रधान बिजेंद्र धारीवाल , महासचिव कृष्ण नैन व प्रवक्ता प्रोफेसर सुखबीर दुहन कर रहे थे। स्वागत कार्यक्रम की अध्यक्षता सांगवान खाप 40 के सचिव नरसिंह सांगवान डीपीई ने किया और समिति प्रधान बिजेंद्र धारीवाल को सांगवान खाप की तरफ से पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। मंच संचालन किसान सभा के जिला उप प्रधान कामरेड ओम प्रकाश ने किया।
सांगवान खाप सचिव नरसिंह सांगवान डीपीई, संघर्ष समिति के प्रधान बिजेंद्र धारीवाल, सचिव कृष्ण नैन, कमल सिंह प्रधान व सर्व कर्मचारी संघ के महेंद्र श्योराण ने कहा कि 2003 में तत्कालीन अटल बिहारी की केंद्र सरकार ने बड़े कारपोरेट घरानों के दबाव में आकर कर्मचारियों, अर्ध सैनिक बलों की पुरानी पेंशन बंद की थी, जबकि सांसदों व विधायकों को कई कई गुना पेंशन मिल रही है। करोड़ों कर्मचारियों का बुढ़ापा सुरक्षा कवच छीनकर तत्कालीन केंद्र सरकार ने बहुत ही अनुचित कदम उठाया था। वर्तमान भाजपा की केंद्र व राज्य सरकारें भी उसको बहाल नहीं कर रही हैं , जबकि विपक्षी पार्टियों की कई राज्य सरकारों ने इसे बहाल कर दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकारों के नेता पुरानी पेंशन बहाली को अर्थव्यवस्था के दिवालिया होने का हवाला दे रहे हैं , जबकि राष्ट्रीयकृत बैंकों के अबतक केंद्र सरकार ने बड़े कारपोरेट के 12 लाख करोड़ रुपये बट्टे खाते डाल दिए हैं, किसान कर्ज के बोझ से आत्महत्या कर रहे हैं। किसान सभा से रामफल देशवाल, राजू मान, राजसिंह जताई, बलबीर सिंह बजाड़, हसला के अतर सिंह मलिक, प्रताप सिंह सिंहमार, दिलबाग सिंह सांगवान कन्नी प्रधान, पैंतावास कला सरपंच अमरजीत सोनी, पूर्व सरपंच समुंद्र सिंह कितलाना, ईश्वर सिंह सांगवान कन्नी प्रधान, सूबेदार सतबीर सिंह, श्योराण खाप से कर्मबीर फरटिया, दुहन खाप से सतपाल दुहन, बिजली बोर्ड से राजेश जांगड़ा, राजीव मतानी, किसान नेता सुरेश मौजूद रहे। इसके बाद साइकिल जत्था भिवानी शहर की मुख्य सड़कों से होकर गुजरा, जिसका जगह-जगह स्वागत किया गया।