भिवानी। अतिरिक्त उपायुक्त अनुपमा अंजलि की अध्यक्षता में वीरवार को लघु सचिवालय स्थित डीआरडीए हॉल में जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की त्रिमासिक समीक्षा बैठक हुई। इसमें एडीसी ने संबंधित विभागों को अनुसूचित जाति, जनजाति से संबंधित व्यक्तियों पर अत्याचार के मामले में तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। कहा कि पीड़ितों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि देने में देरी न हो।
एडीसी ने कहा कि एससी, एसटी के व्यक्तियों पर अत्याचार होना चिंताजनक है। ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने और समाज में समानता को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए। जिन क्षेत्रों में ऐसी वारदातें ज्यादा होती हैं, उन्हें चिह्नित कर व्यापक स्तर पर लोगों को जागरूक करें और लोगों को आपसी भाईचारा बढ़ाने के लिए प्रेरित करें।
एडीसी ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि जिन केसों में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किए जाते हैं, तो उसी समय पत्र की एक प्रति जिला कल्याण अधिकारी को भिजवाएं। जांच में खारिज किए गए केसों का पूर्ण विवरण लेकर बैठक में आएं। जिला कल्याण अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कमेटी के सदस्यों को अत्याचार निवारण अधिनियम 1989, 1995 और संशोधित 2016 के विभिन्न उपबंधों के बारे में बताया।
इस दौरान उप सिविल सर्जन डाॅ. कृष्ण कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर रमेश कुमार, तहसील कल्याण अधिकारी अश्वनी कुमार, राजकुमार, सूबे सिंह, सहायक प्रवीण कुमार सहित गैर सरकारी सदस्य करनैल सिंह बागड़ी, ओमप्रकाश पोपली आदि मौजूद रहे।