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भिवानी: अधिकारियों ने पहली बैठक में पार्षदों को पढ़ाया अधिकार क्षेत्र के विकास कार्यों का पाठ

Sat, 18 Feb 2023 06:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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जिला परिषद कार्यालय में आयोजित बैठक में अपने सुझाव देते वार्ड नंबर सात से जिला पार्षद प्रतिनिधि
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भिवानी। जी हामै के-के काम करां सकां हां, या तो बता दयो, गाम आले राशन कार्ड बणवाण की कहवै सैं। जिला परिषद की पहली बैठक में पहुंचे जिला पार्षदों ने पहला सवाल यही उठाया। कोई जेठ तो कोई देवर के साथ महिला पार्षद बैठक में शामिल होने पहुंची। जिस पर अधिकारियों ने भी बैठक में महिला पार्षदों को अपने वार्ड का स्वयं ही प्रतिनिधित्व करने का परामर्श दिया। पहली बैठक में ग्रांट तो नहीं बटी, लेकिन जिला पार्षदों को अपने अधिकार क्षेत्र के विकास कार्यों का अधिकारियों ने ज्ञान जरूर बांटा।
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पंचायत भवन परिसर स्थित जिला परिषद कार्यालय में शुक्रवार सुबह 11 जिला परिषद की पहली बैठक सीईओ एवं अतिरिक्त उपायुक्त मनोज दलाल की मौजूदगी में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद की चेयरपर्सन अनीता मलिक ने की। बैठक की शुरुआत में औपचारिक तौर पर सभी जिला पार्षदों का परिचय हुआ। इसके बाद बैठक में मौजूद जिला पार्षदों ने विकास कार्यों के अधिकार से जुड़े सवाल भी अधिकारियों से पूछे। दरअसल जिला परिषद में चुने गए सभी जिला पार्षद पहली बार चुनकर यहां पहुंचे हैं, जिन्हें पूरी तरह से अपने अधिकार क्षेत्र का भी ज्ञान नहीं है। ऐसे में विकास कार्यों को कराने से पहले उन्हें इस बात का आभास होना जरूरी है कि वे क्या-क्या कार्य करा सकते हैं और क्या-क्या कार्य उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आते हैं। इस पर जिला परिषद के सीईओ मनोज दलाल ने उन्हें विस्तार से अपने अधिकार क्षेत्रों का भान कराया और ग्रांट लेने और उसका इस्तेमाल करने के बारे में भी जानकारी दी।
सर्वसम्मति से ग्रांट वितरण चेयरपर्सन को दिया सर्वाधिकार
बैठक में मौजूद जिला पार्षदों से ग्रांट वितरण को लेकर भी गहनता से विचार विमर्श हुआ। इस पर सर्वसम्मति से पार्षदों ने ग्रांट वितरण को लेकर चेयरपर्सन अनीता को सर्वाधिकार दे दिया। इसी के साथ बैठक में यह भी तय हुआ कि एक सप्ताह के अंदर-अंदर सभी पार्षद अपने इलाके के विकास कार्यों के मसौदे और विवरण भी देंगे। जिस पर जल्द से जल्द ग्रांट जारी कर दिया जाएगा। बैठक में यह भी फैसला लिया कि अगर ग्रांट वितरण को लेकर कोई पार्षद आपत्ति जताता है तो अगली बैठक में इसके बारे में भी चर्चा होगी।
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जिला परिषद का बनाया जाएगा व्हाट्सएप ग्रुप
जिला परिषद का कार्य सुचारु रूप से चलाने के लिए अलग से व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया जाएगा। इसमें सभी जिला पार्षद के साथ सभी संबंधित विभागों के अधिकारी भी जुड़ेंगे। जिला पार्षदों को संबंधित अधिकारियों की नाम और नंबरों की सूची भी मुहैया कराई गई ताकि विकास कार्यों को लेकर सीधा संपर्क साधा जा सके।
अब जिला पार्षद करेंगे अपने इलाके के सरपंचों की मान मनोबल
जिला परिषद की बैठक में अधिकारियों ने सरकार की ई-टेंडरिंग की नीति का विरोध कर रहे सरपंचों को मनाने का जिम्मा भी अपने अपने वार्डों के पार्षदों को सौंपा है। बैठक में जिला पार्षदों को ई टेंडरिंग के माध्यम से कार्य करवाने के बारे में भी बताया गया। साथ ही विकास कार्यों के लिए सरकार की ओर से बजट की कोई कमी नहीं रहने देने का भी भरोसा दिलाया गया।
ये पार्षद रहे मौजूद, वार्ड 17 से पार्षद सुनील कुमारी रही गैर हाजिर
जिला परिषद की पहली बैठक में वार्ड 12 से चेयरपर्सन अनीता मलिक, वार्ड 19 से उप प्रधान सुनीता जांगड़ा के अलावा वार्ड एक से कृष्ण कुमार, वार्ड दो से राहुल मुंढाल, वार्ड तीन से पूनम, वार्ड चार से रुपेंद्र, वार्ड पांच से प्रीति, वार्ड छह से अभिषेक, वार्ड सात से उषा किरण, वार्ड आठ से शीला, वार्ड नौ से अमित कुमार, वार्ड दस से सुमेश, वार्ड 11 से राजबाला, वार्ड 13 से राज सिंह ढाणीमाहू, वार्ड 14 से रामनिवास, वार्ड 15 से श्वेता, वार्ड 16 से नरेंद्र देवराला, वार्ड 18 से रवींद्र सिंह मंढौली, वार्ड 20 से महेंद्र शर्मा कुडल, वार्ड 21 से मंजू रानी, वार्ड 22 से मुकेश कुमार मौजूद रहे। जबकि वार्ड 17 से जिला पार्षद सुनील कुमारी बैठक से गैर हाजिर रही।
ये मिला है जिला परिषद को बजट
भिवानी जिला परिषद को राज्य वित्तीय आयोग की ओर से दो करोड़ 97 लाख 49 हजार 695 रुपये की ग्रांट मिली है। इसके अलावा एक करोड़ 54 लाख 48 हजार 895 रुपये का बजट 15वें वित्तीय आयोग की ओर से मिला है। इस तरह जिला परिषद भिवानी को चार करोड़ 51 लाख 98 हजार 590 रुपये की ग्रांट मिली है। जो कि मार्च तक खर्च करनी है। इस ग्रांट का भी जिला परिषद के सभी 22 वार्डों में जरूरत के हिसाब से आवंटन किया जाना है।
पार्षदों ने रखे ये सुझाव
वार्ड सात से पार्षद प्रतिनिधि मोनू देवसर ने टोल फ्री किए जाने व मानदेय बढ़ाने, कार्य क्षेत्र अधिकारों की जानकारी देने के सुझाव रखा। वहीं वार्ड 18 से जिला पार्षद रवींद्र मंढौली ने ग्रांट वितरण के बारे में सुझाव रखा। वहीं कई पार्षद प्रतिनिधियों ने गांव की कच्ची गलियों, पेयजल, बिजली संबंधी समस्याओं के मुद्दे पर भी सुझाव दिए।
ये करवा सकेंगे जिला पार्षद अपने इलाके में विकास के काम
- गली व नाली का निर्माण कार्य।
- स्कूल व अस्पताल में कमरे का निर्माण एवं चहारदीवारी व प्रांगण पक्का कराना।
- गांव के शमशान घाट की चहारदीवारी और नए शेड का निर्माण का काम।
- गांव में सामुदायिक केंद्र का निर्माण का कार्य करवाना।
- ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल प्रबंध, जैसे नई पाइप लाइन डलवाने एवं निर्माण कार्य।
- गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए नाली व नाला निर्माण।
- ठोस कचरा प्रबंधन एवं निर्माण कार्य।
- गोबर धन प्रोजेक्ट कार्य करवाना।
- सार्वजनिक स्थानों पर शौचालय निर्माण।
जिला परिषद की पहली बैठक में सभी पार्षदों को उनके अधिकार के बारे में जानकारी दी गई है और उन्हें एक सप्ताह के भीतर अपने इलाके के विकास कार्यों के प्रस्ताव देने के लिए बोला है। जिसके बाद ग्रांट बांट दी जाएगी। जहां जितने बजट की जरूरत है, उसी हिसाब से ग्रांट का वितरण होगा।
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- अनीता मलिक, चेयरपर्सन जिला परिषद भिवानी।
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