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Bhiwani News: खानक में क्रशर-रोड़ी के दामों में आया 200 रुपये का उछाल, नीले पत्थर का भी गहराया संकट

Thu, 22 Jun 2023 11:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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​भिवानी: रोड़ी, क्रशर का लगा हुआ ढेर।
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तोशाम/भिवानी। खनन नगरी खानक में क्रशर-रोड़ी के भावों में 200 रुपये प्रति टन का उछाल आया है। भवन निर्माण सामग्री के भाव बढ़ने से आशियाना बनाना भी महंगा हो गया है। क्रशर संचालकों की मानें तो हालात यही रहे तो थोड़े दिनों में ही खानक के नीले पत्थर की क्रशर-रोड़ी मिलना मुश्किल हो जाएगी। क्योंकि नीले पत्थर की आपूर्ति भी बहुत कम हो गई है, जबकि ऑक्शन में रेट आसमान छू रहे हैं।
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सप्ताह भर से नीले पत्थर का टोटा होने के कारण भवन सामग्री के भाव आसमान छूने लगे हैं। नीले पत्थर की बोली कम करने से क्रशर मालिकों को भारी नुकसान हो रहा है। करीब चार दिन में 90 हजार टन पत्थर की बोली हुई है। खानक में इस समय करीब पौने दो सौ क्रशर इकाइयां चालू स्थिति में हैं। क्रशरों पर पत्थर की आपूर्ति के लिए 50 से 60 हजार टन पत्थर की प्रतिदिन बोली की आवश्यकता है।
पत्थर नहीं मिलने से भवन सामग्री के भाव 200 रुपये प्रति टन तक बढ़ गए हैं। सप्ताहभर पहले चक्की वाली क्रशर के भाव 600 रुपये प्रति टन थे वे अब बढ़कर पौने आठ से आठ सौ रुपये प्रति टन तक हो गए हैं। मशीन वाली क्रशर के भाव पहले जहां 570 रुपये प्रति टन थे वे अब बढ़कर साव सात सौ रुपये प्रति टन तक बढ़ गए हैं। इसी तरह रोड़ी के भाव साढ़े पांच सौ रुपये से बढ़कर 750 रुपये प्रति टन तक हो गए हैं।
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क्रशर मालिकों ने लगाए पत्थर में मिट्टी मिलाकर देने के आरोप
क्रशर मालिकों का पत्थर में मिट्टी व वेस्ट मैटेरियल मिलाकर दिए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। क्रशर मालिकों का कहना है कि पहले जहां 315 रुपये प्रति टन पत्थर मिलता था अब वह 500 से 510 रुपये प्रति टन मिल रहा है। 110 रुपये किराया भी होता है। ऐसे में पत्थर की कमी व इसके रेट बढ़ने से क्रशर व रोड़ी के भाव तो बढ़ने लाजिमी हैं।


डेढ़ साल से बंद पड़ा है डाडम पहाड़


डाडम पहाड़ पिछले करीब डेढ़ साल से बंद होने के कारण पूरा दारोमदार खानक पहाड़ पर पड़ गया है। खानक पहाड़ से लगभग 45 हजार टन पत्थर प्रतिदिन निकलता था, लेकिन अब पत्थर की पूर्ति नहीं हो पा रही है।
आपूर्ति की कमी नहीं, कंपटीशन बढ़ा है : मैनेजर
इस बारे में खनन कार्य कर रही एचएसआईडीसी के मैनेजर अनिल सिंगल ने बताया कि पत्थर की आपूर्ति पहले की भांति कराई जा रही है। पत्थर की रोजाना ऑनलाइन ऑक्शन कराई जा रही है। ऑक्शन में अब कंपटीशन बढ़ा है तो इसकी वजह से ऐसा हो रहा है। कंपनी नियम के अनुसार ही काम कर रही है।
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