तोशाम (भिवानी)। खानक पहाड़ में खनन करने वाली कंपनी द्वारा गाड़ी में पत्थरों के साथ मिट्टी भरने का मामला फिर से सामने आया है। शिकायत मिलते ही नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंच तीन गाड़ियों को खाली करवाया। इनमें पत्थर के साथ मिट्टी पाई गई। इसके बाद इन गाड़ियों को फिर से भरवाया गया।
इंडियन स्टोन क्रशर के मालिक मदन सुरपुरा ने आरोप लगाया कि छोटे साइज के पत्थर व अच्छा माल डालने के लिए कंपनी 50 रुपये अलग से मांग रही है। जो क्रशर मालिक 50 रुपये अलग से नहीं देता है तो उसकी गाड़ी में बड़े साइज के पत्थर व मिट्टी डाली जा रही है।
मदन सुरपुरा ने बताया कि खानक पहाड़ में उनकी गाड़ी पीट से पत्थर लेने गई थी और वहां पर जाते ही गाड़ी में मिट्टी डाल दी गई। जब ड्राइवर ने अच्छा माल डालने के लिए कहा तो उन्होंने 50 रुपये प्रति टन अलग से मांग की और कहा कि अगर अच्छी क्वालिटी का पत्थर डलवाना है तो 50 रुपये टन के अलग से देने होंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि एचएसआईआईडीसी अपने रूल के मुताबिक स्टॉक करवाकर ने तो ऑक्शन करवा रही और नहीं जो रूल पहाड़ में डीसी, एसपी द्वारा ऑर्डर दिए गए उनको मान रही है।
उनका आरोप है कि यहां पर अधिकारी 15-20 दिन में आकर धनसर कंपनी से पैसे लेकर वापस चले जाते हैं और न ही ये पहाड़ के सारे काटे सुचारू रूप से चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये पहाड़ के काटे चलाने के भी पैसे मांग रहे हैं। मदन सुरपुरा ने इन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं इस मामले में एचएसआईआईडीसी के मैनेजर अनिल सिंगल ने बताया कि मैं बाहर हूं मामला मेरे संज्ञान में नहीं है।
मैंने मौके पर जाकर तीन गाड़ियों की जांच की है, जिनके अंदर पत्थर के साथ मिट्टी पाई गई है। जिसको खाली करवाकर दोबारा भरवा दिया है। इस संबंध में चेतावनी दी है कि दोबारा से ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
-अशोक कुमार नायब तहसीलदार जांच अधिकारी।
क्रशर मालिकों के साथ एचएसआईआईडीसी द्वारा ज्यादती की जा रही है। धनसर कंपनी के साथ मिलकर खुली लूट मचा रखी है। क्रशर मालिकों की कोई सुनने वाला नहीं है। कोई अधिकारी यहां नहीं बैठ रहा है। कई बार इसी मामले में हम शिकायत कर चुके हैं।
-कृष्ण मलिक, प्रधान क्रशर एसोसिएशन।