ट्रेनों के अंदर नकली मंगलामुखियों की अवैध वसूली का धंधा चल रहा है। इसकी वजह से रेल यात्रियों को भी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। वहीं इस तरह की गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए भी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
रेल यात्रियों का कहना है कि नकली मंगलामुखी अवैध वसूली के दौरान महिलाओं से भी बदतमीजी करते हैं। वहीं रेल यात्रियों की ओर से रेलवे अधिकारियों को शिकायत किए जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उत्तर पश्चिमी रेलवे के स्टेशनों से होकर गुजरने वाली और भिवानी रेलवे जंक्शन पर आने वाली ट्रेनों में नकली मंगलामुखियों की भरमार है। ये नकली मंगलामुखी ट्रेनों में रेल यात्रियों से पैसे वसूली करते हैं, अगर कोई यात्री पैसे देने से मना करता है तो फिर ट्रेन के अंदर ही उसके साथ बदसलूकी भी करते हैं। वहीं महिला यात्रियों के साथ भी अभद्रता हो रही है। वहीं राजकीय रेलवे पुलिस के अधिकारी ने कहा कि आरपीएफ के साथ मिलकर स्पेशल जांच अभियान चलाएंगे।
रेल यात्री संजय, महाबीर, माया व कमला का कहना है कि ट्रेनों में सफर के दौरान नकली मंगलामुखी यात्रियों को परेशान करते हैं और पांच-दस रुपये नहीं बल्कि सौ से पचास रुपये देने पर ही मानते हैं। इस तरह ट्रेनों में कोई भी इन्हें रोकने वाला नहीं है। कुछ युवाओं ने नकली मंगलामुखी बनकर ट्रेनों में पैसे मांगने के धंधे को ही अपना रोजगार बना लिया है। ये युवाओं की टोली कई रेलवे स्टेशनों से अलग-अलग ट्रेनों में सवार हो जाते हैं जो चलती ट्रेन में यात्रियों से अवैध वसूली करते हैं।
ट्रेनों के अंदर नकली मंगलामुखियों द्वारा रेल यात्रियों से अवैध वसूली सरासर गलत और अपराध है। ये लोग एक तो ट्रेनों में बिना टिकट सफर करते हैं और दूसरा रेल यात्रियों से ही अवैध वसूली कर महिला यात्रियों से भी बदसलूकी करते हैं। इस पर रेलवे के उच्चाधिकारियों को तुरंत कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। रेल यात्री संगठन भी इस संबंध में बीकानेर रेल मंडल के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर इस मामले में तुरंत कड़ा संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग करेगा।
- महाबीर प्रसाद डालमिया, अध्यक्ष दैनिक रेल यात्री एवं जनकल्याण संघ, भिवानी।
ट्रेनों के अंदर भीख मांगना या फिर किसी यात्री से जबरन वसूली करना अपराध है। इसके लिए राजकीय रेलवे पुलिस रेलवे सुरक्षा फोर्स के साथ मिलकर संयुक्त रूप से ट्रेनों के अंदर स्पेशल जांच अभियान चलाएगा। इस दौरान अगर ऐसी कोई गतिविधि मिलती है तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मबीर सिंह, इंचार्ज राजकीय रेलवे पुलिस, भिवानी।