भिवानी। एंटी करप्शन ब्यूरो में केस दर्ज होने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे आईएएस विजय दहिया पर भिवानी में भी आयुष्मान भारत योजना का गलत दस्तावेजों के सहारे एक निजी अस्पताल को लाभ पहुंचाने का मामला सामने आया है। इस मामले में स्वयंसेवी संगठन ने स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव जी अनुपमा और आयुष्मान भारत योजना के सीईओ डीके बेहरा को शिकायत भेजकर भ्रष्टाचार मामले की जांच की मांग की है।
स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव जी अनुपमा और आयुष्मान भारत योजना के सीईओ को दी शिकायत में बताया कि आईएएस विजय दहिया ने आयुष्मान भारत योजना के सीईओ के तौर पर भी कई निजी अस्पतालों को गलत दस्तावेजों के सहारे आयुष्मान पैनल से जोड़ा है। जिसमें भिवानी के एक निजी अस्पताल की शिकायत संगठन ने की थी। आरटीआई में मांगी गई सूचना में खुलासा हुआ कि फायर विभाग और नगर परिषद में इस अस्पताल के नाम से कोई एनओसी जारी नहीं की गई। बावजूद इसके आईएएस विजय दहिया ने जांच में बतौर आयुष्मान भारत के सीईओ रहते हुए इस अस्पताल को गलत तरीके से आयुष्मान पैनल का लाभ दिला दिया।
आरटीआई में संगठन के समक्ष यह भी सूचना आ चुकी है कि पैनल पर जुड़े इस अस्पताल ने जिन दस्तावेजों से पैनल का गलत लाभ लिया, उसमें एक एमए पास को भी एमबीबीएस डॉक्टर दर्शा दिया है। स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन की तरफ से शिकायत में यह मांग की गई है कि आयुष्मान भारत के पैनल पर निजी अस्पतालों को आईएएस विजय दहिया द्वारा दी गई अनुमति मामलों की विस्तृत जांच कराई जाए तो इससे भी बड़ा भ्रष्टाचार उजागर होगा। संगठन ने मामले की शिकायत हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव को भी दी है।