भिवानी। दिनोद रोड जीतुवाला रेलवे सी-52 फाटक पर बन रहा रेलवे ओवरब्रिज एक बार फिर मुश्किलों में फंस गया है। तीन साल में पुल निर्माण में तीन बड़ी अड़चनें आ चुकी हैं। अब अतिक्रमण की वजह से ओवरब्रिज निर्माण का काम एक बार फिर से रुक गया है।
वहीं लाखों रुपयों का बजट जमा कराने के बाद भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अब तक यहां से सीवर और पानी की लाइनों को शिफ्ट नहीं कर पाया है। तीन साल से फाटक बंद होने से दिनोद रोड लाइन पार की कॉलोनियों के लोगों को सात किमी दूर तक का चक्कर लगाने पर मजबूर होना पड़ता है।
सीएम घोषणा के तहत 2015 में जीतुवाला रेलवे फाटक सी-52 पर रेलवे अंडर पास निर्माण की मंजूरी मिली थी। मगर रेलवे और स्थानीय अधिकारियों ने अंडरपास निर्माण से पहले किए सर्वेक्षण के दौरान ही इस परियोजना को सिरे से खारिज कर डाला। क्योंकि यहां का भूमिगत जलस्तर काफी ऊंचा था, इस वजह से अंडरपास निर्माण संभव नहीं था। 17 दिसंबर 2017 को जीतुवाला रेल अंडरपास महापंचायत ने आंदोलन कर दिया। इसके बाद महापंचायत ने एक से 10 जनवरी 2018 में लगातार दस दिनों तक अनिश्चितकालीन धरना भी दिया। इसके बाद रेलवे मंत्रालय के 21 इंजीनियर, सांसद, विधायक व बीएंडआर विभाग के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई, इसमें अंडरपास की जगह यहां पर पुल निर्माण का निर्णय हुआ।
इसके बाद 2018 को रेलवे ऊपरगामी पुल निर्माण का नए सिरे से मसौदा मुख्यालय को भेजा गया। मामला मुख्यालय में ही लटका रहा है। आखिरकार 2020 में जीतुवाला रेलवे फाटक पर पुल निर्माण का काम शुरू हुआ। करीब 14 करोड़ के बजट से 600 मीटर लंबा ये रेलवे ओवरब्रिज दो साल में बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन एक के बाद एक अड़चनों की वजह से ये कार्य अधर में ही लटकता रहा।
25 से अधिक अवैध कब्जे हटवाए, सिर्फ दो अवैध निर्माण पर अटका पुल का काम
पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने करीब डेढ़ साल पहले दिनोद रोड पर आरओबी निर्माण के आड़े आने वाले करीब 25 से अधिक अवैध निर्माणों को तोड़ डाला। लेकिन सिर्फ दो अवैध निर्माण अधिकारी नहीं हटवा पाए। ये मामला न्यायालय में पहुंच गया। इसकी वजह से दो निर्माण पर अभी स्टे ऑर्डर है। इस कारण दिनोद रोड पर रेलवे ओवरब्रिज का काम भी अब अधर में ही रुक गया है। जब तक ये अवैध निर्माण नहीं हटते तब तक पुल का काम चालू नहीं हो पाएगा। क्योंकि यहां नए पिलर लगने हैं और साइड में सर्विस रोड भी तैयार करना है।
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बिजली की लाइनें बदली, सीवर और पानी की लाइन नहीं हुई शिफ्ट
फाटक सी-52 पर 600 मीटर लंबा पुल बनना है। कृष्णा कॉलोनी छोर पर रेलवे पुल की लंबाई 280 मीटर है वहीं जीतुवाला छोर पर पुल की लंबाई 320 मीटर तैयार की जानी है। इसमें रेलवे का टॉप सेक्शन का काम भी हो चुका है। कृष्णा कॉलोनी छोर पर भी पुल तैयार होने के कगार पर है। मगर रामबाग की तरफ अवैध कब्जों की वजह से पुल के नए पिलर बन रहे हैं न ऊपरी हिस्सा तैयार हो पा रहा है। ये अवैध निर्माण 11 से 12 फुट तक तोड़े जाने हैं, जिसमें एक मकान भी आड़े आ रहा है। दिनोद रोड पर सीवर और पानी की लाइन भी शिफ्ट किए जाने का काम बाकी है।
इन कॉलोनियों के लोग झेल रहे परेशानी
शहर के जीतुवाला क्षेत्र की दुर्गा कॉलोनी, ब्रह्मा कॉलोनी, आंबेडकर कॉलोनी, लक्ष्मी नगर, बालाजी कॉलोनी, एमसी कॉलोनी, लाजपत नगर, शास्त्री नगर, परशुराम कॉलोनी, तोशाम बाईपास, डाबर कॉलोनी के अलावा गांव दिनोद, ढाणी रिवासा, ढाणीमाहू, कोहाड़, बजीना तक के ग्रामीण रास्ता बंद होने से परेशानी झेल रहे हैं।
दिनोद रोड रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में अवैध निर्माण हटाने का मामला न्यायालय में लंबित है। इसके अलावा कुछ हिस्से में अभी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पैसे जमा कराए जाने के बाद भी सीवर व पानी की लाइनों को शिफ्ट नहीं किया है। दो साल का पुल निर्माण का समय भी पुरा हो चुका है। मगर अड़चनों की वजह से काम अभी तक नहीं हो पाया है।
- संदीप मित्तल, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी, भिवानी।
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