भिवानी। गुलाबी ठंड बढ़ने के साथ ही लोगों की सेहत का गणित भी बिगड़ रहा है। खांसी जुकाम व बुखार के मरीज फिर से बढ़ने लगे हैं। बुखार पीड़ितों में अब भी डेंगू के लक्षण ज्यादा मिल रहे हैं। वहीं हवा में बढ़े प्रदूषण की वजह से एनजीटी के आदेशों से शहरी और ग्रामीण दायरे में फॉगिंग का काम भी बंद पड़ा है। इससे स्थिति नियंत्रित होने के बजाय लगातार बेकाबू हो रही है।
विज्ञापन
भिवानी जिले में इस साल डेंगू के 230 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। जिला नागरिक अस्पताल की लैब में जांच के लिए आ रहे नमूनों में अब भी अधिकतर डेंगू लक्षण ही मरीजों में मिल रहे हैं। हालांकि मौसम परिवर्तन के दौरान मच्छर के डंक का असर कम हो जाता है। प्रदूषित हवा और ठंड के बावजूद अभी तक डेंगू का डंक लोगों की सेहत पर खतरा बढ़ा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में फॉगिंग का काम भी पिछले बंद पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग की फील्ड में जांच की गतिविधि जारी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति सजग और जागरूक करने के साथ लारवे को भी नष्ट कर रहा है।
डेंगू के मामले अब भी मिल रहे हैं। फील्ड कर्मचारियों को सख्त हिदायतें हैं कि वे अपने इलाके में ब्लड स्लाइड तैयार करने के साथ-साथ एंटी लारवा एक्टिविटी के तहत घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की जांच करे और जहां पर भी पानी का ठहराव है उसमें लारवा भी जांचें। अगर कहीं पर लारवा पाया जाता है तो तुरंत प्रभाव से उसे नष्ट कराएं।