ग्रेप चार के आदेशों के बावजूद संबंधित सरकारी विभाग आदेशों की महज खानापूर्ति में लगे हैं। लघु सचिवालय और डीसी आवास के आसपास ही सड़क पर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। लेकिन वीरवार को वीआईपी दायरे से बाहर निकलकर अधिकारियों ने शहर के सरकुलर रोड पर उड़ रही धूल पर भी पानी की बौछारे पानी के टैंकर से छोड़ी। इससे शहरवासियों को हवा में फैले प्रदूषण के साथ धूल मिट्टी से भी कुछ देर के लिए राहत मिली।
दरअसल, दिवाली के पहले हुई बारिश से भिवानी येलो जोन में आ गया था, मगर दिवाली के बाद अचानक हवा में प्रदूषण फिर से बढ़ गया और वीरवार को एक्यूआई 386 दर्ज किया गया। जबकि बुधवार शाम तक एक्यूआई 362 दर्ज किया गया था। लगातार एक्यूआई बढ़ने से हवा की गुणवत्ता भी बेहद खराब होती जा रही है। एक्यूआई के फिर से रेड जोन में आने के बाद अधिकारियों ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। पानी के टैंकरों से शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी का छिड़काव कराया गया। वहीं संबंधित निर्माण साइटों व परियोजनाओं का भी निरीक्षण किया गया। हालांकि कुछ जगहों पर चोरी छीपे अब भी काम चल रहे हैं। जबकि ग्रेप चार के आदेशों में भवन निर्माण काम भी बंद हैं। शहर के सरकुलर रोड पर कहीं डिवाइडर का काम अधूरा है तो कहीं सड़क ही अधर में पड़ी है। इससे मुख्य सड़कों पर दूर-दूर तक रेत व मिट्टी फैली है। वाहनों की आवाजाही के साथ ही धूल के कण भी हवा में काफी ऊंचाई तक पहुंच रहे हैं। जिससे सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है।