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जिले के 215 गांवों में प्राकृतिक खेती का ज्ञान बांटेंगे ग्राम प्रधान

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भिवानी। अब जिले के 215 गांवों में प्राकृतिक खेतीबाड़ी की तरफ रुझान होगा, इसके लिए प्रत्येक गांव में ग्राम प्रधान यानी सरपंच किसानों में खेतीबाड़ी का ज्ञान बांटेंगे। कृषि विभाग जिले के सभी गांवों में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इसके लिए ग्राम स्तर पर भी किसानों की सभाएं कराई जाएंगी। जिसमें प्राकृतिक खेती की तरफ रुझान बढ़ाने पर मंथन होगा।
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दरअसल कृषि विभाग केंद्रीय नीति के तहत जिले में प्राकृतिक खेतीबाड़ी की तरफ किसानों के रुझान को बढ़ाने और अच्छी पैदावार लेने के प्रति किसानों में इसके नवीनतम तकनीक का ज्ञान भी साझा करेगा। इसके लिए कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ साथ खेतीबाड़ी से जुड़े संगठन और किसान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भिवानी जिले में करीब पौने छह लाख एकड़ कृषि भूमि है। जिसमें से अधिकतर भूमि में किसान परंपरागत फसलों को ही उगा रहे हैं, जबकि कुछ किसान बागवानी भी कर रहे हैं। जिले में सब्जियों का भी अच्छा खासा उत्पादन हो रहा है। मगर किसानों का प्राकृतिक तौर तरीकों से खेती की तरफ रुझान नहीं हैं, क्योंकि अच्छी फसल लेने के चक्कर में किसान फसलों में अत्यधिक कीटनाशकों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि बीजों की भी कई वैरायटी मार्केट में आ चुकी हैं, जिनकी प्रमाणिकता पर भी कोई विश्वास नहीं। ऐसे में किसान कम लागत और कम समय में ज्यादा उत्पादन और मुनाफे के चक्कर में पड़ रहे हैं। यही वजह है कि अब जिले के किसानों का प्राकृतिक खेती की तरफ रुझान बढ़ाना जरूरी हो गया है। इसी को लेकर कृषि विभाग भी महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है।
जिले में गांव प्रहलादगढ़ स्थित दैविक भूमि फाउंडेशन जिसे डीबी फार्म के नाम से भी जानते हैं में भी किसानों को ट्रेनिंग दी जा रही है। जिले के सभी किसान प्राकृतिक जैविक खेती का प्रशिक्षण लेने के लिए डीबी फार्म को संपर्क कर सकते हैं। दैविक भूमि फाउंडेशन जिले में निशुल्क जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग उपलब्ध करवाती है।
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-डॉ. सुनीला चहल, मैनेजर हैदराबाद फैसिलिटेटर एवं डीबी फार्म की संस्थापक।
जिले भर में एक से 13 अगस्त तक आत्मा स्कीम के तहत किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे। किसानों को प्राकृतिक खेती की तरफ लाने का रुझान बढ़ाया जाएगा। इस दौरान किसानों को खेती में आ रही दिक्कतें और उनका समाधान भी सुझाया जाएगा। किसानों को खेती की नवीनतम तकनीक और प्राकृतिक खेती के तौर तरीकों से उत्पादन बढ़ाने के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
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-डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक भिवानी।
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