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लावारिस पशुओं के इलाज को लेकर फिर आमने-सामने गोसेवक और चिकित्सक

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भिवानी। लावारिस पशुओं के इलाज को लेकर एक बार फिर गोसेवक और पशुपालन विभाग के चिकित्सक आमने-सामने हैं। गोसेवकों का आरोप है कि पशुपालन विभाग के चिकित्सक सूचना के बाद घायल पशुओं के इलाज के लिए नहीं पहुंचे और अब तो फोन तक नहीं उठाते।
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वहीं पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह राठी ने गोसेवकों पर परेशान करने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हमारे चिकित्सक पशुओं के इलाज के लिए हर समय तत्पर हैं।
इस अवसर पर उमाकांत भोली, सुरेश सैनी, वरूण बजरंगी, रणधीर, सुमित फौजी, रविंद्र भारद्वाज, जितेंद्र, अक्षय, हर्ष, शुभम, आदित्य तंवर, मोहन, आशु, कपिल, राजा, विक्रम, अरुण, मनीष, शशीकांत, नरेंद्र, विक्रांत, सूरज युवा उपस्थित रहे।
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नारेबाजी कर जताया रोष, दिखाई ऑडियो रिकॉर्डिंग
गोरक्षा दल के प्रधान संजय परमार ने पशु चिकित्सकों द्वारा गाय व अन्य घायल पशुओं के इलाज के लिए मना करने वाले पशु चिकित्सकों को सस्पेंड करने की मांग की। गोरक्षक संजय परमार ने आरोप लगाया कि पशु चिकित्सक पूरी तरह से अपनी मनमानी पर उतर आए हैं और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी अवहेलना कर रहे हैं। जिसके विरोध में वे धरने पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोई नागरिक गाय या घायल जानवरों के इलाज के लिए चिकित्सकों से संपर्क करता है तो सीधे तौर पर मना कर देते है। इलाज के अभाव में घायल जानवर दम तोड़ रहे हैं। पशु चिकित्सकों द्वारा न ही कोई हेल्पलाइन नंबर जारी किया और न ही रोस्टर के हिसाब से ये पशु चिकित्सक जल्द ही फोन उठाते हैं। इससे पशुपालक खासे परेशान हो गए हैं। संजय परमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सोमवार तक आरोपी पशु चिकित्सकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामाजिक संगठनों को साथ लेकर आंदोलन को अनशन का रूप देंगे। जिसकी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी। पूर्व पार्षद उमाकांत भोली ने कहा कि पशु चिकित्सकों को चाहिए कि वे अपने कर्तव्य को समझते हुए घायल गाय व अन्य जानवरों के इलाज के हमेशा तत्पर रहे।
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इलाज की वीडियो बना कर रहे परेशान : राठी
पशुपालन विभाग के उप निदेशक डॉ. सुखदेव सिंह राठी ने कहा कि गोसेवक पशु चिकित्सकों को परेशान कर रहे हैं। बुधवार को कुछ युवा पॉलिक्लीनिक में घूस आए और चिकित्सकों की वीडियो बनाने लगे। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में कोई पशु घायल होता है तो हमारे चिकित्सक तुरंत पहुंचेंगे और इलाज करेंगे। अगर कोई पशु बीमार है या कीड़े पड़े हुए हैं तो नगर परिषद कर्मचारियों को सूचित करें। नप कर्मचारी पशुओं को नजदीकी पशु अस्पताल या गोशाला में लेकर जाएंगे, जहां पशु चिकित्सक पहुंचकर इलाज करेंगे। गोसेवक गलत तरीके से पुल के नीचे अवैध कब्जा किए हुए हैं और यहां छोटे-छोटे पिंजरों में पशुओं, जानवरों को रोक रखा है। वे इस संबंध में उपायुक्त को भी शिकायत करेंगे।
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