भिवानी। धार्मिक नगरी छोटी काशी भिवानी में पिछले 22 सालों से वैद परिवार के प्राचीन श्रीराम मंदिर में शीशे की कारीगरी में श्रीराम लला का ललाट नजर आती हैं। शीशे से ही गुजरात और बंगाल के कारीगरों ने दीवारों में नक्काशी से भगवान श्रीराम के दिव्य स्वरूपों को आकार दिया है। जो देखने में अद्भुत ही नहीं बल्कि अचंभित भी कर रहा है। भगवान राम का यह मंदिर प्राचीनता के साथ-साथ शीशे से की गई अद्भुत नक्काशी का भी एक अजूबा है। 22 जनवरी को श्रीराम प्राण लला प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के दिन मंदिर 1100 दीपकों से जगमगा उठेगा। दीपों की रोशन से शीशे के इन चित्रों के अंदर अद्भुत प्रकाश भी वातावरण को अलौकिक कर देगा।
शहर के टाईयान पाना स्थित वैद परिवार का श्रीराम मंदिर का निर्माण 1927 से पहले किया गया था। इस मंदिर का 2002 में पुनर्निर्माण कराया गया। इस दौरान मंदिर के अंदर की दीवारों पर शीशे से अद्भुत और अनोखी नक्काशी की गई, जिसमें शीशे से ही श्रीराम दरबार और भगवान के दिव्य स्वरूपों को दर्शातें चित्रों पर अनोखी कारीगरी की गई।
ये कारीगर बंगाल और गुजरात से यहां आए थे, जिन्होंने मंदिर को दिव्यता प्रदान की। मंदिर के पुजारी हरिशंकर भारद्वाज वृंदावन ने बताया कि मंदिर का संचालन वैद परिवार चैरिटी ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। उनके पूर्वजों ने इस मंदिर का देश की आजादी से पहले ही यहां भव्य निर्माण कराया था। मंदिर के अंदर करीब ढाई सौ साल पुराना एक मंदिर भी है। लेकिन मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य के दौरान बंगाल और गुजरात के कारिगरों से मंदिर में शीशे से भगवान श्रीराम के अद्भुत चित्रों को दीवारों पर उकेरा गया है। ये चित्र जीवंत जान पड़ते हैं। इन्हें देखने के लिए भी काफी लोग यहां आते हैं। मंदिर में कदम का पेड़ भी लगा है।
कमल के फूल पर स्थापित है श्रीराम दरबार
इस मंदिर की खासियत यह भी है कि ये इसलिए भी अनोखा है, क्योंकि यहां कमल के फूल पर श्रीराम दरबार की स्थापना की गई है। कमल का फूल भगवान विष्णु के लिए दर्शाया जाता है, लेकिन यहां इस मंदिर में श्रीराम दरबार कमल के फूल पर इस मंदिर की रोचकता और ऐतिहासिकता भी बयां करता है।