फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कचरा तुलाई गड़बड़झाला: अब नगर परिषद ने की कंपनी पर पेनल्टी लगाने की तैयारी

विज्ञापन
डंपिंग प्वाइंट पर लगा कचरे का ढेर। संवाद - फोटो : Bhiwani
विज्ञापन
भिवानी। दो बार कचरा तौलाई गड़बड़झाला मामले में अब नगर परिषद ने कंपनी पर पेनाल्टी लगाने की तैयारी कर ली है। नगर परिषद अधिकारियों ने रात के अंधेरे में कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद होने के बाद नोटिस जारी किया है। इसमें कंपनी से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं नगर परिषद की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस तरह से कचरे से भरकर ट्रैक्टर-ट्रॉली को खड़ा करना भी नियमों व कंपनी के अनुबंध के खिलाफ है। फिलहाल नगर परिषद अधिकारियों ने मंगलवार रात को बरामद हुई कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बिना तौलाई के ही खाली करा दिया है।
विज्ञापन

भिवानी नगर परिषद में कचरा निस्तारण के लिए दो बार तौलाई की शिकायत के बाद नया खेल सामने आया है। हालांकि नगर परिषद ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं प्रारंभिक जांच में यह भी उजागर हुआ है कि कंपनी द्वारा रात के समय ट्रैक्टर ट्रॉलियों को कचरे से भरकर इस तरह से खड़ा किया जाना संदेहास्पद और नियमों के खिलाफ है। इसको लेकर नगर परिषद के जांच कर रहे अधिकारियों ने संबंधित कंपनी को भी नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में कंपनी के अधिकारियों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है, जिसके बाद निश्चित तौर पर कंपनी पर पेनाल्टी लगाने की कार्रवाई भी होगी। वहीं कचरा दो बार तौलाई की शिकायत के बाद नगर परिषद अधिकारियों ने भी दादरी रोड स्थित डंपिंग स्टेशन पर निगरानी बढ़ा दी है। कंपनी के टिपर ऑटो और ट्रैक्टर ट्रॉलियों द्वारा शहर के डंपिंग प्वाइंटों से उठाए जाने वाले कचरे की जीपीएस ट्रैक्टर से भी निगरानी अब और कड़ी कर दी है। शहर भर के 31 वार्डों से कूड़ा उठान करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस ट्रैकर लगे हुए हैं। इनकी निगरानी नगर परिषद कार्यालय से ही अधिकारी कर रहे हैं। ये वाहन किस समय कहां पर खड़े हैं और कितनी देर ठहरे हैं, इसकी लोकेशन का नगर परिषद कार्यालय के कंप्यूटर सिस्टम में तुरंत पता लग जाता है। मगर इस निगरानी के बावजूद कंपनी के कूड़े से भरे ट्रैक्टर रात भर कंपनी कार्यालय के इर्द-गिर्द खड़े किए गए और इनकी दोबारा तुलाई की आशंका भी शिकायत में जताई। मौके के निरीक्षण में भी कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली नगर परिषद अधिकारियों को बरामद हो गए। इससे नगर परिषद की व्यवस्था और कंपनी की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पूरे शहर में कूड़ा उठान और कचरा निस्तारण को लेकर इंदौर की कंपनी को सालाना छह करोड़ का ठेका दिया हुआ है। कंपनी को कचरा निस्तारण के लिए भी प्रति टन कचरा 2350 रुपये का अलग से भुगतान होता है।
इंदौर की कंपनी के तर्क से भी जांच अधिकारी नहीं संतुष्ट
नगर परिषद के सचिव और चेयरपर्सन प्रतिनिधि की टीम ने मंगलवार रात 12 बजे कंपनी कार्यालय के इर्द-गिर्द कचरे से भरकर खड़े किए ट्रैक्टर ट्राली बरामद किए थे। जिस पर कंपनी के निदेशक ने कहा था कि देर शाम व रात को कचरा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर खड़ा कर देते हैं उनकी तौलाई अगले दिन सुबह कराते हैं, इस तर्क को भी नगर परिषद अधिकारियों ने बेतुका बताया और इससे संतुष्ट नहीं हुए। नगर परिषद जांच अधिकारियों ने इसे कंपनी के अनुबंध के खिलाफ और नगर परिषद नियमों का उल्लंघन माना। फिलहाल कंपनी को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा है। कंपनी की तरफ से आधिकारिक जवाब आने के बाद इस प्रकरण में कंपनी पर मोटी पेनाल्टी लगाने की तैयारी भी हो रही है।
विज्ञापन

मंगलवार रात को कंपनी कार्यालय के बाहर से कचरे से भरे सभी ट्रैक्टर-ट्रॉली को खाली कराया गया है, जिनकी तौलाई नहीं की गई है और इस कचरे का कंपनी को कोई भुगतान भी नहीं होगा। कंपनी रात के समय इस तरह से कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़े नहीं कर सकती है। इसकी जांच चल रही है। वहीं इस संबंध में कंपनी के अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। ऐसा करने पर निश्चित तौर पर पेनाल्टी लगाई जाएगी।
विज्ञापन

- विकास देशवाल, सफाई निरीक्षक, जांच कमेटी सदस्य नगर परिषद भिवानी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें