भिवानी। दादरी रोड डंपिंग यार्ड पर विरोध के सुर के बीच कंपनी ने 60 करोड़ से कचरा निस्तारण प्लांट उद्योग की तैयारी कर ली है। इसके अंदर भिवानी और चरखी दादरी शहर का रोजाना ढाई सौ टन कचरा खपत होगा। प्लांट का 33 फीसदी हिस्सा हरियाली युक्त भी होगा। इसका कंपनी ने मास्टर प्लान तैयार किया है।
कंपनी के मास्टर प्लान के तहत 24 एकड़ भूमि में बनने वाले इस प्लांट के चारों तरफ नौ मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी। जबकि चारों तरफ नौ मीटर चौड़ी सड़क भी तैयार कराई जाएगी। करीब साढ़े आठ एकड़ में बड़ा पार्क भी बनेगा। कंपनी की साइट पर दो प्रोसेसिंग यूनिट भी स्थापित हो चुकी हैं। जबकि पर्यावरण विभाग सहित संबंधित विभागों से एनओसी के मसौदे भेजे गए हैं। कचरा प्लांट का अलग से डिस्पोजल भी तैयार होगा। भिवानी और दादरी जिले की करीब साढ़े चार लाख आबादी को प्लांट चालू होने के बाद कचरे से निजात मिलेगी।
भिवानी के दादरी रोड डंपिंग यार्ड पर 24 एकड़ भूमि पर श्रीश्याम इंटरप्राइजिज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 22 साल की लीज पर नगर परिषद से भूमि लेकर कचरा निस्तारण प्लांट उद्योग लगेगा। भिवानी में ये पहला ऐसा उद्योग होगा जिसमें कच्चा माल सिर्फ कचरा होगा। इसी कचरे को फिर उपयोगी चीजों में बदला जाएगा। जैसे की खाद तैयार करना, मेटल व प्लास्टिक अलग कर उसका पुन: इस्तेमाल करना।
प्लांट के चारों तरफ चहारदीवारी होगी और इसी चहारदीवारी के पास नौ मीटर चौड़ी ग्रीन बेल्ट भी विकसित होगी, जिसके अंदर पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। इसी के साथ चारों तरफ नौ मीटर चौड़ा सर्विस रोड भी बनेगा। प्लांट में एक डिस्पोजल भी तैयार किया जाएगा। मास्टर प्लान के हिसाब से 24 एकड़ भूमि पर करीब साढ़े आठ एकड़ में बड़ा पार्क विकसित किया जाएगा।
67 एकड़ भूमि में दूर तक फैला है सिर्फ कचरा, हरियाली का नहीं नामोनिशान
दादरी डंपिंग यार्ड के आसपास नगर परिषद की यहां 67 एकड़ भूमि है। इसमें से अधिकांश भूमि पर खुले में कूड़े के ढेर लगे हैं, जहां पर हरियाली का नामोनिशान तक नहीं है। कई दशकों तक यहां कूड़ा पड़े रहने की वजह से भूमि के करीब दस फुट ऊपर तक कचरे की परत जमी हैं, जो हरियाली तो दूर एक तिनका भी पैदा नहीं होने दे रही है। भूमिगत जल भी पीने लायक नहीं है। जिला प्रशासन ने कई साल पहले भिवानी-दादरी मुख्य सड़क पर चहारदीवारी कराई थी जो अब कई जगह से टूटी पड़ी है। फिलहाल कचरा प्लांट के नाम पर दो छोटे झरने हैं, जो महज एक टन कचरा भी साफ नहीं कर पाते हैं।
प्लांट से निकलने वाली खाद्य करेगी पौधों को पोषित
कचरा प्लांट के आसपास के वातावरण को हरा भरा बनाने में प्लांट में कचरे से तैयार होने वाली खाद इस्तेमाल होगी। यहां रोजाना करीब ढाई सौ टन कचरा निस्तारण होने की वजह से भारी मात्रा में खाद का उत्पादन भी होगा। जिसे किसान अपनी फसलों में उपयोग के लिए भी ले सकेंगे और प्लांट में भी इसका इस्तेमाल हरियाली बढ़ाने के लिए होगा।
प्लांट में ये यूनिटें होंगी स्थापित
सिक्योरिटी कैबिन-
24 वर्ग मीटर
वैज ब्रिज रूम-
12 वर्ग मीटर
आरडीएफ मशीन सेट, प्रोडक्शन एंड डिस्पैच सेक्शन-
1800 वर्ग मीटर
प्री प्रोसेसिंग यूनिट-
880 वर्ग मीटर
टीपिंग फ्लोर-
600 वर्ग मीटर
स्टोर रूम, इनर्ट प्रोसेसिंग मशीन सेट-
450 वर्ग मीटर
कंपोजिट पेड-
5084 वर्ग मीटर ओपन एरिया कवर्ड
मानसून शेड-
1640 वर्ग मीटर
कंपोस्ट प्रोसेसिंग यूनिट शेड-
200 वर्ग मीटर
कंपोस्ट क्यूरिंग शेड-
1180 वर्ग मीटर
-स्टोर रूम फोर कंपोस्ट-
750 वर्ग मीटर
ऑफिस एंड क्यूसी लैब बिल्डिंग-
400 वर्गमीटर
पावर रूम-
180 वर्ग मीटर
एसएलएफ-
10000 वर्ग मीटर ओपन एरिया
एडीसी ने भी प्लांट स्थापित करने की दी हरी झंडी
नगर परिषद की डीएमसी व सीईओ का पदभार संभालने वाली अतिरिक्त उपायुक्त अनुपमा अंजलि ने भी डंपिंग यार्ड पर पूरी प्रक्रिया के तहत नया प्लांट स्थापित करने की हरी झंडी दी है। चौखामा खाप के पदाधिकारियों को भी दो टूक प्रशासन की तरफ से जवाब मिल चुका है कि प्लांट यहीं पर लगेगा, जिसकी सारी प्रक्रिया पूरी हो चुकी हैं।
करीब साल भर में कंपनी का कचरा निस्तारण प्लांट चालू हो जाएगा। प्लांट के लिए औद्योगिक इकाई की तरह ही सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसमें पर्यावरण, फायर विभाग से एनओसी शामिल हैं। प्लांट के अंदर कुछ हिस्से में ही कचरे के निस्तारण के लिए मशीनरी स्थापित होंगी,जबकि आसपास का 33 फीसदी एरिया हरियाली से हरा भरा होगा। जल्द ही डोर-टू डोर कचरा उठान भी शुरू कराया जाएगा।
-वीरेंद्र सिंह, सीईओ, श्रीश्याम इंटरप्राइजिज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी।
चौगामा खाप और पर्यावरण प्रहरी संस्था के साथ शहर के जनप्रतिनिधियों व अन्य जनसंगठनों का यहां डंपिंग यार्ड पर अन्य शहरों का कूडा लाने का पुरजोर विरोध है। किसी भी सूरत में दूसरे शहरों का कचरा यहां नहीं लाने दिया जाएगा। सात दिन का प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है, इसके बाद यहां अनिश्चितकालीन पड़ाव डाल दिया जाएगा। इसमें पूरे जिले से समर्थन जुटाया जाएगा। हमारी मांग शहर को दूषित होने और लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए है, जो हर परिस्थिति में जारी रहेगी।
-पार्षद सुभाष तंवर, सदस्य पर्यावरण प्रहरी संस्था।
रोजाना सुबह 11 बजे घर-घर होगा कूड़ा उठान
मंगलवार से रोजाना सुबह 11 बजे घर-घर कूड़ा उठान का काम नई कंपनी शुरू करेगी। सोमवार को नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप सिंह ने नई कंपनी के अधिकारियों के साथ बैठक कर कूड़ा उठान कार्य को लेकर चर्चा की। इस दौरान शहर से अवैध कूड़ा प्वाइंट बंद कराए जाने के भी निर्देश दिए। बैठक में कंपनी के अधिकारियों को 11 बजे तक शहर के हर घर व कचरा प्वाइंटों से कचरा उठाने के निर्देश दिए गए। निर्धारित कचरा प्वाइंटों पर भी एक-एक कर्मचारी की नियुक्ति किए जाने संबंधी निर्देश दिए। कंपनी के अधिकारियों को कहा कि वे बाहरी (बवानीखेड़ा, लोहारू व चरखी दादरी ) का कचरा यहां न लेकर आए। उनका वहीं पर निस्तारण करवाए। इस मौके पर नगरपरिषद के वाइस चेयरमैन सतेंद्र मोर, मनोज खनगवाल, पवन सैनी, विकास देशवाल मौजूद थे।