भिवानी। जून के अंतिम सप्ताह में एक बार फिर पुराना शहर पानी की राशनिंग से घिर गया है। इसी को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने एक बार शुक्रवार से शहर में एक दिन छोड़ एक दिन पानी की राशनिंग लागू करने का निर्णय लिया है। दरअसल, 12 जून को नहर में पानी आने के बाद नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी थी। लेकिन अब फिर से शहर राशनिंग का दंश झेलेगा। हालांकि मानसून की दस्तक हो चुकी है। ऐसे में अगर नहरों में अतिरिक्त पानी मिलता है तो शहर में पानी की आपूर्ति भी बेहतर होगी।
नहरों में पानी की आपूर्ति मिलने के बावजूद भी महम रोड स्थित पुराना जलघर के टैंक आधे भी नहीं भर पाए। यही हाल निनान जलघर के टैंकों का भी है। जबकि डाबर कॉलोनी के टैंक नहरी पानी से लबालब हो गए। इसी को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पुराने शहर और निनान जलघर के दायरे में आने वाले इलाके में शुक्रवार से एक दिन छोड़ एक दिन पानी आपूर्ति का शेड्यूल बनाकर राशनिंग लागू कर दी है। पुराने जलघर में करीब 15 दिन पेयजल आपूर्ति का ही भंडारण बचा है, इस पानी को राशनिंग के जरिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारी 30 दिन तक आपूर्ति में काम चलाएंगे।
बता दें कि मित्ताथल हेड पर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का पंपिंग स्टेशन बना हुआ है। इस इकलौते पंपिंग स्टेशन से ही करीब 11 किलोमीटर दूर महम रोड स्थित जलघर और निनान जलघर टैंकों तक पानी की आपूर्ति दी जा रही है। अब दिक्कत ये है कि ये पंपिंग स्टेशन करीब एक दशक पुराने हो चुके हैं, जबकि नहरों के डिजाइन में बदलाव हो चुका है।
पंपिंग स्टेशन से ही दोनों जलघर टैंकों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जबकि पुराने जलघर में दो नए टैंक भी बन चुके हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पंपिंग स्टेशन की क्षमता बढ़ाने का एस्टीमेट भी मुख्यालय को भेजा है। मंजूरी मिलने के बाद ही इस पर काम होगा।
आठ दिन मिलता है पानी और 32 दिन बंद रहती हैं नहर
नहरी शेड्यूल के हिसाब से शहर में प्रत्येक नहर में आठ दिन पानी मिलता है जबकि 32 दिन तक नहर बंद रहती है। इस दौरान अगर जलघर के टैंकों में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारी पानी का पर्याप्त भंडारण नहीं कर पाते तो शहर की प्यास बुझाना भी मुश्किल हो जाता है। अब मानसून के दौरान नहरों में अतिरिक्त पानी चलने की उम्मीद हैं, मगर इसी बीच शहर पानी की राशनिंग भी झेलेगा।
नई बस्ती क्षेत्र में हो रही गंदे पानी की आपूर्ति
मुख्य जलघर से महज चंद कदम दूर नई बस्ती में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। वहीं शहर के अन्य हिस्सों में भी गंदे पानी की आपूर्ति के मामले अचानक ही बढ़ गए हैं। ऐसे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने भी शहर में लीकेज का समाधान कराने के लिए जगह-जगह गड्ढे खोदकर इनका समाधान कराना शुरू कर दिया है। अब दिक्कत ये है कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी समस्या समाधान के नाम पर गड्ढा खोदकर भूल जाते हैं। इससे न समस्या का समाधान हो पाता है बल्कि गहरे गड्ढे में लोगों के गिरकर चोटिल होने का खतरा अलग से बना रहता है।
नहर आने के बाद शहर में नियमित पानी की आपूर्ति शुरू कर दी थी, मगर अब नहर बंद हो चुकी हैं। पुराने जलघर में भी मात्र 15 दिन पानी आपूर्ति का भंडारण है। शुक्रवार से पुराने जलघर और निनान जलघर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में एक दिन छोड़ एक दिन पानी की आपूर्ति दी जाएगी। अगर नहरों में पानी मिलता है तो शहर में पानी की आपूर्ति को बेहतर किया जाएगा।
-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।