भिवानी। सीआईए प्रथम की टीम ने मैक्स लाइफ इंश्योरेंस बीमा पॉलिसी के नाम पर 30 लाख 50 हजार रुपये की धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों से पौने तीन लाख रुपये की नकदी, एक लैपटॉप, पेन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक चेकबुक बरामद की है।
सदर पुलिस को गांव तालु निवासी बलजीत ने शिकायत दी थी। उसने बताया था कि उसने 2015 में मैक्स लाइफ इंश्योरेंस की एक बीमा पॉलिसी ली थी। शिकायतकर्ता ने वर्ष 2016 में पॉलिसी की किस्त न भरने के कारण बंद हो गई थी। लेकिन 2020 में शिकायतकर्ता को एक फोन आया। जिसमें फोन करने वाले ने खुद को मैक्स लाइफ इंश्योरेंस का कर्मचारी बताया और पॉलिसी का बोनस राशि देने के नाम पर बीमा पॉलिसी को पुन चालू करने के लिए भी पैसे जमा कराने के लिए कहा। जिस पर शिकायतकर्ता ने समय-समय पर किस्तें देने, आईपीओ खरीदने व जीएसटी के नाम पर कुल 30 लाख 50 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद शिकायतकर्ता को किसी भी प्रकार का कोई बोनस व बीमा पॉलिसी का कोई रुपया नहीं मिला। इस संबंध में पुलिस को शिकातय दी। जिस पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ। सीआईए प्रथम के प्रभारी निरीक्षक योगेश कुमार ने बताया कि टीम इंचार्ज उपनिरीक्षक प्रीतम ने धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों की पहचान गौरव वासी विहार लोनी गाजियाबाद, सचिन वासी विकास नगर लोनी गाजियाबाद, शाहरुख वासी मार्केट लोनी गाजियाबाद व कपिल वासी विहार लोनी गाजियाबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी गौरव से डेढ़ लाख, आरोपी सचिन से 90 हजार और आरोपी शाहरुख से एक लैपटॉप व आरोपी कपिल से 50 हजार रुपये की नकदी बरामद की। निरीक्षक योगेश कुमार ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में धोखाधड़ी की बात कबूली है। वहीं आरोपी अपने बैंक खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी के लिए करते थे। अन्य आरोपी धोखे से ट्रांसफर कराए गए रुपयों को आरोपियों के खाते में डलवाते थे।
वहीं आरोपी को इस रकम को निकलवा कर मुख्य आरोपी को देने के लिए दस फीसदी कमीशन दिया जाता था। वहीं आरोपी शाहरुख ने मिक्सिंग कर नकली आधार कार्ड बनाए थे। सीआईए इंचार्ज योगेश कुमार ने जिला वासियों से अपील की है कि फोन पर किसी भी व्यक्ति द्वारा अपनी बैंक संबंधी व निजी जानकारी न दें।